Success Story : IIT से UPSC तक का सफर, जाने कौन है ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल करने वाली IAS मोनिका श्रीवास्तव?
Udaipur Times, IAS Success Story : जो मेहनत करना जानते है वो एक न एक दिन इतिहास रचते है जिसकी आज हम बात करने वाले है। कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है, सफलता उन्ही के कदम चूमती है जो दिन रात अपनि मेहनत और लग्न नहीं छोड़ते है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है, जिसे पास करना हर किसी की बस में नहीं होता है लेकिन उन्हीं में से एक हैं बिहार की रहने वाली मोनिका श्रीवास्तव, जिन्होंने न सिर्फ UPSC परीक्षा पास की बल्कि ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की और IAS अधिकारी बन गईं। Success Story
मिली जानकारी के अनुसार, मोनिका श्रीवास्तव बिहार के औरंगाबाद जिले की मूल निवासी हैं, जहां वो सत्येंद्र नगर में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता बी.के. श्रीवास्तव जिला परिषद में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां भारती श्रीवास्तव हाउसवाइफ हैं। IAS Monika Srivastava

मोनिका की स्कूली शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर से और माध्यमिक शिक्षा DAV पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। वह बचपन से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं। अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने IIT प्रवेश परीक्षा पास की और गुवाहाटी के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी IIT में एडमिशन लिया। IAS Monika Srivastava
UPSC सफर
मोनिका ने IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की इसके बाद उन्हे एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई। लेकिन उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को छोड़ दिया, ताकि UPSC की तैयारी कर सकें। IAS Monika Srivastava
मोनिका ने महीनों तक पूरी मेहनत और लगन से तैयारी की और आखिरकार साल 2022 में अपने पहले ही प्रयास में BPSC सिविल सेवा परीक्षा में शानदार छठी रैंक हासिल की। वह इस परीक्षा में महिला टॉपर रहीं। IAS Monika Srivastava

दो बार पास की परीक्षा
UPSC में टॉप करने के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी नहीं छोड़ी। वह रोज 7 से 8 घंटे की पढ़ाई करती थीं और साल 2024 में उन्होंने UPSC परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में 455वीं रैंक हासिल की, जिसके बाद उन्होंने भारतीय रेलवे सेवा के अंतर्गत अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया। फिर साल 2025 में उन्होंने दोबारा UPSC परीक्षा दी और इस बार शानदार 16वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं।
