दो बच्चों का कॉकलियर इंप्लांट का सफल ऑपरेशन
गीतांजली हॉस्पिटल में 3 साल के दो मुक-बधिर बच्चों का कॉकलियर इंप्लांट के जरिए सफल ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन व उसके बाद की रिहेबिलिटेशन थैरेपी पर करीब 8 लाख रूपए का खर्च आता है। परंतु उपचार का पूरा खर्च गीतांजली हॉस्पिटल ने वहन किया है।
गीतांजली हॉस्पिटल में 3 साल के दो मुक-बधिर बच्चों का कॉकलियर इंप्लांट के जरिए सफल ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन व उसके बाद की रिहेबिलिटेशन थैरेपी पर करीब 8 लाख रूपए का खर्च आता है। परंतु उपचार का पूरा खर्च गीतांजली हॉस्पिटल ने वहन किया है।
डॉ ए.के.गुप्ता ने बताया कि हुकुम बंजारा व दीपक वर्मा दोनों बच्चे जन्म से सुन नहीं सकते थे इसी वजह से बोल भी नहीं सकते थे। इसके चलते 3 घंटे का ऑपरेशन कर कॉकलियर इंप्लांट किया। अब हॉस्पिटल के स्पीच थैरेपिस्ट डॉ गौरव शर्मा डेढ़ से दो वर्ष तक ट्रेनिंग देंगे ताकि बच्चों की बोली सामान्य व सही हो सके।
इस ऑपरेशन में डॉ ए.के. गुप्ता व दिल्ली से आए वरिष्ठ सर्जन डॉ सोमेश्वर सिंह, डॉ वी.पी.गोयल, डॉ प्रितोष शर्मा, डॉ नितिन शर्मा, डॉ साजदा बानो, डॉ प्रतीक शर्मा, निश्चेतना विभाग के डॉ एसएस जैतावत, डॉ सुनन्दा गुप्ता, डॉ अल्का छाबड़ा, डॉ भगवंत गोयल की टीम शामिल थी। उन्होंने बताया कि अब तक गीतांजली हॉस्पिटल में ऐसे चार सफल ऑपरेशन हो चुके हैं।

क्या है कॉकलियर इंप्लांटः कॉकलियर इंप्लांट एक इलेक्ट्रोनिक डिवाइस है जो पूरे कान को बाइपास करती है। दो हिस्सों में से बाहर का हिस्सा आवाज को पकड़ कर कोडिंग करके सिग्नल के जरिए अंदर वाले हिस्से में भेजता है।