विकृत जननांगों की पुनर्निर्माण की सफल सर्जरी
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के बाल एवं शिशु रोग सर्जन डॉ अतुल मिश्रा ने एक वर्ष की बच्ची के विकृत जननांगों का सफल ऑपरेशन किया। विश्व में इस बिमारी के ऑपरेशन की जटिलता दर काफी ज्यादा है परन्तु इस केस में बिमारी का सफल उपचार बेहद संतोषजनक है। बहुत बार यह ऑपरेशन 2 से ज्यादा चरण में करने की जरुरत पड़ती है परन्तु इस बच्ची का एक ही चरण में सफल ऑपरेशन हुआ।
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के बाल एवं शिशु रोग सर्जन डॉ अतुल मिश्रा ने एक वर्ष की बच्ची के विकृत जननांगों का सफल ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन में डॉ अतुल मिश्रा के साथ निश्चेतना विभाग की डॉ शैरीन व डॉ राजेंद्र ने भी अपनी सेवाएं दी।
डॉ अतुल मिश्रा ने बताया कि बड़ी सादड़ी (चित्तौड़गढ़) निवासी बेबी सिया (बदला हुआ नाम) के जन्म से ही पिशाब व योनी मार्ग आपस में जुड़े हुए थे। इस बिमारी को यूरोजेनाईटल साईनस कहते है। गीतांजली हॉस्पिटल में परामर्श के बाद बच्ची का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। लगभग 6 घंटें चले इस ऑपरेशन में योनी मार्ग (वेजाईना) को पिशाब मार्ग से अलग कर सही जगह बिठाया गया एवं योनी मार्ग का सफल पुनर्निर्माण किया गया। विश्व में इस बिमारी के ऑपरेशन की जटिलता दर काफी ज्यादा है परन्तु इस केस में बिमारी का सफल उपचार बेहद संतोषजनक है। बहुत बार यह ऑपरेशन 2 से ज्यादा चरण में करने की जरुरत पड़ती है परन्तु इस बच्ची का एक ही चरण में सफल ऑपरेशन हुआ।
डॉ मिश्रा ने बच्ची के परिजनों को आश्वस्त किया कि बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य है एवं निकट भविष्य में भी उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। डॉ मिश्रा ने यह भी बताया कि 10,000 बच्चों में से किसी एक को यह परेशानी होती है।