जिनेश्वर के प्रति समर्पण से मिलेगा जन्म-मरण के बंधन से छुटकारा
आचार्य जिनदर्शन सुरीश्वर महाराज ने कहा कि जिनेश्वर के प्रति समर्पण, अटूट श्रद्धा एवं कृतज्ञता के भाव रखने से ही मनुष्य को न केवल जन्म मरण क बंधन से छुटकारा मिलेगा वरन् वह परम पद को भी प्राप्त होगा।
आचार्य जिनदर्शन सुरीश्वर महाराज ने कहा कि जिनेश्वर के प्रति समर्पण, अटूट श्रद्धा एवं कृतज्ञता के भाव रखने से ही मनुष्य को न केवल जन्म मरण क बंधन से छुटकारा मिलेगा वरन् वह परम पद को भी प्राप्त होगा।
वे आज हिरणमगरी से. 4 स्थित शान्तिनाथ आराधना भवन में श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक जिनालय संघ द्वारा आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर हे थे। इस अवसर पर आचार्य ने सभी को जप-तप आराधना करने के लिये प्रेरित किया।
संघ के सुशील बांठिया ने बताया कि पिछले 30 दिनों से चले रहे अदुःख दर्शी तप का आज समापन हुआ। इस तप में 14 श्रावक-श्राविकाओं ने बियासणे एवं 16 ने उपवास किये।