हरियाणा में मछली पालन से सुषमा कमा रही 20 लाख रुपये, ऐसे पाई सफलता
Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार का सहयोग और सरकारी योजनाओं का सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण रोहतक जिला के गांव कटवाड़ा की गृहिणी सुषमा हैं, जिन्होंने घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित जीवन से आगे बढ़ते हुए सफल मत्स्य पालक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।
सचिन गुप्ता ने बताया कि 31 वर्षीय सुषमा, पत्नी सोमपाल, दसवीं कक्षा तक शिक्षित हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में अपने गांव कटवाड़ा में दो एकड़ के तालाब में मीठे पानी की मछली पालन गतिविधि शुरू की थी। शुरुआत में उन्होंने लगभग 12 हजार मत्स्य बीज का संचयन किया और वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन की दिशा में कदम बढ़ाया। सुषमा को आइसीएआर - सीआईफई / एआरटीआई हिसार से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों और तालाब प्रबंधन की जानकारी मिली। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत लगभग पांच लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त किया।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि मत्स्य पालन विभाग के नियमित मार्गदर्शन और वैज्ञानिक तरीके से तालाब प्रबंधन अपनाने के कारण सुषमा का व्यवसाय निरंतर प्रगति करता गया। वर्तमान में वह अपने तालाब से प्रतिवर्ष लगभग आठ मीट्रिक टन मछली उत्पादन कर रही हैं तथा लगभग 20 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। सुषमा अपनी सफलता का श्रेय अपने पति, जिला मत्स्य अधिकारी तथा मत्स्य पालन विभाग के विशेषज्ञों को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान किया।
सुषमा ने बताया कि उनके पति ने उन्हें मत्स्य पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जबकि विभागीय प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता ने उन्हें व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित करने की क्षमता प्रदान की। आज वे न केवल स्वयं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सुषमा की सफलता यह साबित करती है कि यदि महिलाएं सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण तथा आधुनिक कृषि एवं मत्स्य पालन तकनीकों का लाभ उठाएं तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज में अपनी अलग पहचान भी स्थापित कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर बनें आत्मनिर्भर :- सचिन गुप्ता
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना देश में ब्लू रिवोल्यूशन को नई गति प्रदान कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। योजना के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाने, मछुआरों की आय में वृद्धि करने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत आधुनिक मत्स्य पालन, कोल्ड स्टोरेज, मछली परिवहन, प्रसंस्करण तथा विपणन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही मछुआरों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों और बेरोजगार युवाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। योजना के तहत मीठे एवं खारे पानी के तालाबों में मत्स्य पालन के लिए अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है।
