दर्जी की बेटी सानिया ने रचा इतिहास, 19 साल की उम्र में बनीं देश की CS प्रोफेशनल टॉपर

 | 
दर्जी की बेटी सानिया ने रचा इतिहास, 19 साल की उम्र में बनीं देश की CS प्रोफेशनल टॉपर

Udaipur Times, ICSI CS Professional : मुंबई की सानिया समीर खान ने ICSI CS Professional June 2026 परीक्षा में संयुक्त रूप से AIR 1 हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। सानिया ने 432 अंक हासिल किए। साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली सानिया के पिता दर्जी हैं और मां गृहिणी हैं। उनकी सफलता की कहानी मेहनत, लक्ष्य आधारित पढ़ाई और मुश्किल परिस्थितियों में हौसला बनाए रखने की मिसाल है।

ICSI CS Professional Result 2026: सानिया और खुशी ने हासिल की AIR 1

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) ने CS Professional June 2026 परीक्षा का रिजल्ट 25 अगस्त 2026 को जारी किया। प्रोविजनल ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में मुंबई की सानिया समीर खान और जयपुर की खुशी अग्रवाल ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। दिल्ली की विदुषी गर्ग ने AIR 2 और नासिक की हरकिरण कौर ने AIR 3 हासिल किया।

432 अंकों हासिल कर बनी है टॉपर

सानिया ने CS Professional परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 432 अंक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि उन्होंने यह सफलता महज 19 वर्ष की उम्र में हासिल की है।
सानिया मुंबई में रहती हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उनका परिवार कई वर्षों से मुंबई में रह रहा है।

पिता करते है दर्जी का काम , मां हैं गृहिणी

सानिया का संबंध एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से है। उनके पिता दर्जी का काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। चार बहनों में सानिया दूसरे नंबर पर हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सानिया ने अपनी मेहनत और लगन से देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।

12वीं के बाद तय नहीं था CS करने का फैसला

सानिया ने 12वीं के बाद पहले से यह तय नहीं किया था कि उन्हें कंपनी सेक्रेटरी बनना है। वह किसी प्रोफेशनल कोर्स को लेकर असमंजस में थीं। परिवार की ओर से CS के बारे में पता करने के लिए कहे जाने के बाद उन्होंने इस कोर्स पर रिसर्च शुरू की।
कुछ दिनों तक जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने CS एंट्रेंस एग्जाम में दाखिला लिया और तैयारी शुरू कर दी। आगे चलकर यही फैसला उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया।

10-12 घंटे पढ़ाई, लेकिन फिक्स टाइम नहीं था

सानिया की पढ़ाई की रणनीति भी काफी अलग थी। वह पढ़ाई के लिए रोजाना निश्चित घंटे तय करने के बजाय टारगेट-बेस्ड स्टडी करती थीं।

अगर किसी दिन उन्होंने दो या तीन चैप्टर पूरे करने का लक्ष्य बनाया, तो उनका फोकस घड़ी देखने के बजाय उस लक्ष्य को पूरा करने पर रहता था। हालांकि औसतन वह रोज करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं।

परीक्षा के दौरान बिगड़ी तबीयत, फिर भी नहीं छोड़ी हिम्मत

सानिया की सफलता की कहानी का सबसे प्रेरणादायक पहलू परीक्षा के दौरान उनकी मुश्किलें हैं। लगातार परीक्षाओं और तैयारी के दबाव के बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अस्पताल जाना पड़ा और ग्लूकोज तक दिया गया।
इसके बावजूद सानिया ने परीक्षा छोड़ने का फैसला नहीं किया। उन्हें डर था कि अगर वह परीक्षा बीच में छोड़ती हैं तो उनका अकादमिक चक्र छह महीने पीछे हो सकता है। बीमारी के बीच उन्होंने बाकी पेपर दिए और आखिरकार संयुक्त AIR 1 हासिल कर लिया।

AIR 1 हासिल करना लक्ष्य ही नहीं था

दिलचस्प बात यह है कि सानिया ने बताया कि AIR 1 हासिल करना उनका पहले से तय लक्ष्य नहीं था। उनका उद्देश्य परीक्षा को अच्छी तरह से पास करना था। ऐसे में देश में शीर्ष स्थान हासिल करना उनके लिए खुद एक अप्रत्याशित उपलब्धि बन गया।

आगे LLB करने की योजना

CS Professional में सफलता के बाद सानिया की पढ़ाई यहीं खत्म नहीं होने वाली। वह B.Com (Hons) की पढ़ाई पूरी करने के बाद LLB करने की योजना बना रही हैं। उनका मानना है कि CS और कानून की पढ़ाई का संयोजन कॉर्पोरेट और लीगल क्षेत्र में उनके करियर को और मजबूत करेगा।फिलहाल उनकी प्राथमिकता अनिवार्य 21 महीने की ट्रेनिंग शुरू करना है।

सानिया की कहानी देती है बड़ा संदेश

सानिया समीर खान की कहानी बताती है कि सफलता के लिए हमेशा बड़े संसाधनों या पहले से तय करियर प्लान की जरूरत नहीं होती। सही दिशा में लगातार मेहनत, लक्ष्य पर फोकस और मुश्किल समय में हार न मानने का जज्बा भी किसी को देश के शीर्ष पायदान तक पहुंचा सकता है। दर्जी पिता की बेटी से लेकर CS Professional की संयुक्त AIR 1 तक का सानिया का सफर आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News