दस दिवसीय राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प बाजार-2013’ कल से
राज्य सरकार के ग्रामीण गैर-कृषि विकास अभिकरण (रूडा) एंव विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) भारत सरकार, नई दिल्ली के सयुंक्त तत्वावधान में दस दिवसीय राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प बाजार 2013’ का उद्घाटन मंगलवार शाम 6 बजे टाउनहाल में नगर निगम की मेयर रजनी डांगी द्वारा किया जाएगा।
राज्य सरकार के ग्रामीण गैर-कृषि विकास अभिकरण (रूडा) एंव विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) भारत सरकार, नई दिल्ली के सयुंक्त तत्वावधान में दस दिवसीय राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प बाजार 2013’ का उद्घाटन मंगलवार शाम 6 बजे टाउनहाल में नगर निगम की मेयर रजनी डांगी द्वारा किया जाएगा।
मेला 10 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। मेले में देश के विभिन्न प्रान्तों के 150 से अधिक हस्तशिल्पी स्टॉलों के जरिए अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगे।
रूडा के कार्यकारी निदेशक जेड. ए. खान ने बताया कि इस वर्ष फरवरी माह में आयोजित गांधी शिल्प बाजार की सफलता को देखते हुए फिर से यह मेला लगाने का निर्णय लिया गया। मेले में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। प्रतिदिन दोपहर 1 से रात्रि 9 बजे तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न राज्यों के 150 से अधिक स्टॉलों पर हस्तशिल्पी व दस्तकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगे। इसमें उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र , आसाम, उड़ीसा, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, हरियाणा आदि स्थानों के दस्तकार भाग लेंगे जो अपनी अनूठी कलात्मक शैली के उत्पाद एवं कलाकृतियां साथ लेकर आये है।
उन्होनें बताया कि इसमें बेजोड़ कलाकृतियां, रंग-बिरंगे परिधान, बांस व बेंत के फर्नीचर, लखनऊ के चिकन परिधान, सिल्क साडिय़ां, पोकरण का टेराकोटा, कश्मीर के पश्मीना शॉल, गुलाबी नगरी की ब्लू पॉटरी, सहारनपुर का फर्नीचर, खुर्जा की पॉटरी, बनारस की साडिय़ां, राजघराने की परंपरागत हस्तीछपाई, कुंभकारी कला, चमड़े व पत्थर की कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मेले का आयोजन केन्द्र सरकार के विकास आयुक्त (हस्त़शिल्प) के सौजन्य से विभिन्न राज्यों में किया जाता है। इसके तहत पंजीकृत हस्तुशिल्पियों को वर्ष भर अलग अलग स्थानों पर बिक्री बाजार का आयोजन कर विपणन सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) भारत सरकार के सहायक निदेशक अशोक मीणा ने बताया कि मेले के समापन पर 19 दिसंबर को उत्कृष्ट स्टॉल एवं उत्कृष्ट दस्तकारों को पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस मेले में सांस्कृतिक समरसता एवं राष्ट्रीय भावनात्मक एकता के साथ देश भर के दस्तकार समूहों की अनुपम दस्तकारी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
रूढा के महाप्रबन्धक दिनेश सेठी ने बताया कि इस वर्ष भी मेलार्थियों के लिए फूड जोन एंव बच्चों के लिए अलग से किड जोन की व्यवस्था की गई है। उन्होनें बताया कि उदयपुर में मेले को आकर्षक बनाने के लिए इस बार मेला पिकंसिटी थीम पर आधारित होगा। चारों ओर गुलाबी रंग ही दिखाई देगा।
