मुहर्रम पर इमाम हुसैन की याद में दस दिवसीय मजलिसे बुधवार से

इस्लाम धर्म के सभी मतों के अनुसार इमाम हुसैन उनके परिवार तथा साथियो ने उस समय प्रचलित सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए उस समय के बादशाह (यज़ीद) के खिलाफ जंग की थी। इस जंग में इमाम हुसैन ने अपनी, अपने परिवार की और कई साथियो की कुर्बानी दी थी। सच्चाई और हक की आवाज बुलंद करने के लिए शहीद होने वाले 72 शहीदों की शहादत की याद में पूरी दुनिया में मोहर्रम के महीने में विभिन्न आयोजन होते है।

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मुहर्रम पर इमाम हुसैन की याद में दस दिवसीय मजलिसे बुधवार से

इस्लाम धर्म के सभी मतों के अनुसार इमाम हुसैन उनके परिवार तथा साथियो ने उस समय प्रचलित सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए उस समय के बादशाह (यज़ीद) के खिलाफ जंग की थी। इस जंग में इमाम हुसैन ने अपनी, अपने परिवार की और कई साथियो की कुर्बानी दी थी। सच्चाई और हक की आवाज बुलंद करने के लिए शहीद होने वाले 72 शहीदों की शहादत की याद में पूरी दुनिया में मोहर्रम के महीने में विभिन्न आयोजन होते है। उदयपुर की शिया जामा मस्जिद में भी मजलिसो का यह सिलसिला पिछले पांच दशको से भी अधिक समय से चला आ रहा है। महुर्रम में आयोजित होने वाली इन मजलिसो को सुनने के लिए मुस्लिम समाज के सभी वर्ग के लोग पहुंचते है।

मुहर्रम के अवसर पर हर वर्ष आयोजित होने वाली दस दिवसीय मजलिसो का आयोजन बुधवार से हाथीपोल अजंता गली स्थित शिया जामा मस्जिद में शुरू होगा। मजलिस प्रतिदिन शाम को नो बजे प्रारम्भ होगी जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना हैदर मौलाई तकरीर करेंगे। मर्सिया ख्वानी और सोज सलाम आदि के लिए भी नोयडा के तफ्सीर आलम और उरूज अख्तर भी उदयपुर पहुंचे है।

शिया मस्जिद के प्रवक्ता सय्यद मजहर रिजवी ने बताया की मजलिसो में वितरित होने वाले तबर्रुक आदि का प्रबंधन इमरोज मिर्जा एवं समाज के वरिष्ठ सदस्य सय्यद फय्याज मेहंदी की देख रेख में होगा। 21 सितम्बर को समापन अवसर पर दोपहर एक बजे एक जुलुस का आयोजन किया जाएगा, जो शिया जामा मस्जिद से शुरू होकर स्वरूप सागर स्थित कर्बला पहुंच कर संपन्न होगा। इसी दिन शाम को मजलिसे शामे गरीबा का आयोजन भी होगा।

नहीं करेंगे झील में विसर्जन

शहर के पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने की जिम्मेदारी संमझते हुए शिया धर्मावलम्बी किसी भी धार्मिक वास्तु को झील के पानी में विसर्जित नहीं करने के पिछले कई सालों से चले आ रहे सिलसिले को जारी रखेंगे।

10 दिवसीय जश्ने इमाम हुसैन का आगाज

शहर की 80 फीट रोड स्थित मस्जिद मदरसा नुरूल इस्लाम के परिसर में हर साल की तरह इस साल भी इस्लामी नये साल के पहली तारीख से 10 दिवसीय जश्ने इमाम हुसैन का आगाज मंगलवार रात्रि बाद नमाज ईशा से हुआ।

उक्त जानकारी देते हुए मोहसिन हैदर ने बताया कि इस बार 10 दिवसीय होने वाले जश्न में मुख्य वक्ता चमनपुरा मस्जिद के खतीबो-इमाम हाफिज व कारी मौलाना अब्दुल माजिद रज़वी साहब होंगे। साथ ही हाफिज मोहम्मद आरिफ अकबरी, मौलाना ताहिर रजा जश्न में शहीदाने कर्बला की तालीमात, जीवनी, व शहादत का बयान करेंगे। नातिया कलाम पेश करने के लिए अब्दुल रशीद, हाजी मोहम्मद इकबाल, जाकिर मन्सूरी, जफर खान, मोहम्मद हनीफ-टीपू सहित अन्य नातख्वां नातिया कलाम पेश करेंगे। कमेटी के सदर हाजी मोहम्मद अकील व कार्यकारिणी के पदाधिकारियो व सदस्यों ने नये साल की मुबारकबाद पेश की।

मोतीमगरी स्कीम में भी होगा 10 दिनों तक मजलिस का आयोजन

सय्यद ज़िल्ले आलम ने बताया की इमाम हुसैन की याद में (मकान न. 234, मोतीमगरी) में आगामी 10 दिनों तक मजलिसो और नोहा ख्वानी का आयोजन होगा। जिनमे मौलाना प्रोफेसर अबू इफ्तिखार ज़ैदी रात को 9 बजे से 11 बजे तक ख़िताब फरमाएंगे।

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