हरियाणा में महिला सरपंचों की बढ़ेगी टेंशन ! आयोग ने जारी किया ये नया आदेश
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में अब सरपंच पतियों की टेंशन बढ़ने वाली है क्योंकि अब वे महिला सरपंचों की जगह सरकारी पैरवी नहीं कर सकेंगे इसको लेकर नये आदेश आरी कर दिए गए है। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने एक महत्वपूर्ण आदेश में महिला सरपंचों की जगह उनके पतियों द्वारा सरकारी कार्यवाही में भाग लेने की प्रथा पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे उद्देश्यों के खिलाफ बताया है।
आयोग ने स्पष्ट करते हुए जानकारी में बताया है की महिला सरपंचों को मिले अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारियां व्यक्तिगत रूप से निर्वाचित जनप्रतिनिधि से जुड़ी हैं, जिन्हें किसी अनधिकृत व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। Haryana News
इस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए आयोग ने कहा कि अनेक मामलों में यह देखा गया है कि महिला सरपंचों के पति स्वयं को ‘सरपंच प्रतिनिधि’ बताकर सरकारी बैठकों और कार्यवाहियों में हिस्सा लेते हैं।
यह प्रवृत्ति ग्रामीण प्रशासन में व्याप्त पितृसत्तात्मक मानसिकता का प्रतीक है और महिलाओं को मिले संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है। आयोग ने कहा कि पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण का उद्देश्य केवल सीटों को भरना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्थानीय शासन में प्रभावी भूमिका देना है। Haryana News
आयोग ने अपने आदेश में हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश भेजने का आदेश दिया है।
साथ ही सभी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा गया है कि राज्य सूचना आयोग के समक्ष आने वाले मामलों में महिला सरपंच स्वयं उपस्थित हों। उनके स्थान पर पति या अन्य कोई अनधिकृत व्यक्ति प्रतिनिधित्व नहीं करेगा। Haryana News
आयोग ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी महिला सरपंच की ओर से पुरुष प्रतिनिधि पेश होता है तो ऐसी कार्यवाही को शून्य माना जा सकता है। मामले में आवश्यक टिप्पणियों और निर्देशों के साथ आयोग ने अपील का निपटारा कर दिया।
