31 KM लंबा 8 लेन एक्सप्रेसवे बदलेगा पूरी तस्वीर ! दिल्ली से ग्रेटर नोएडा के बीच सफर होगा आसान
Udaipur Times, 8 Lane New Expressway Plan : दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की योजना तैयार की जा रही है। नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक जाम और जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद संभावित भीड़ को देखते हुए सरकार ने एक नया हाई-स्पीड विकल्प बनाने का फैसला किया है।
31 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) यमुना पुश्ता के साथ-साथ लगभग 31 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना पर काम कर रही है। यह नया मार्ग दिल्ली के ईस्ट हिस्से (ओखला बैराज के पास, सेक्टर 94) से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के CHI-IV तक जाएगा और आगे यमुना एक्सप्रेसवे व जेवर एयरपोर्ट से सीधे जुड़ जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली-नोएडा के बीच ट्रैफिक को बिना रुकावट तेज रफ्तार कनेक्टिविटी देना है। यह पूरी तरह एलिवेटेड होगा और मौजूदा यमुना पुश्ता रोड के ऊपर से गुजरेगा, जिससे शहर के अंदर के ट्रैफिक से बचा जा सकेगा।
8-लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेगा
इस प्रोजेक्ट में 8-लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें कई एंट्री और एग्जिट पॉइंट भी होंगे ताकि बीच के सेक्टरों में भी लोग आसानी से जुड़ सकें। यह सफर को बिना ट्रैफिक सिग्नल के सीधा और तेज बनाने में मदद करेगा।
इस योजना को तीन बड़े हिस्सों में देखा जा रहा है। पहला, चिल्ला एलिवेटेड रोड जो मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक बनेगा। दूसरा, महामाया से नए पुश्ता रोड को जोड़ने वाला छोटा एलिवेटेड लिंक। और तीसरा, मुख्य 31 किलोमीटर का NHAI एक्सप्रेसवे जो सेक्टर 94 से CHI-IV तक जाएगा।
दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक एक पूरी तरह एलिवेटेड और फास्ट कॉरिडोर तैयार
इन तीनों प्रोजेक्ट के जुड़ने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक एक पूरी तरह एलिवेटेड और फास्ट कॉरिडोर तैयार हो जाएगा, जिससे यात्रा समय काफी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट पर भी दिखने की संभावना है। खासकर सेक्टर 125, 126 और 135 जैसे इलाकों में मांग बढ़ सकती है क्योंकि यहां से एयरपोर्ट और दिल्ली दोनों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
फिलहाल NHAI द्वारा इसका डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां जमीन अधिग्रहण और मंजूरी की प्रक्रिया तेज कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह परियोजना NCR की सबसे अहम कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक होगी।
