45 मिनट का सफर अब मात्र 10 मिनट में होगा पूरा, द्वारका एक्सप्रेसवे से इन सेक्टरों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Dwarka Expressway Connectivity Gurugram : द्वारका एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लाइफलाइन बन चुका है। करीब 29 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अब गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान बना रहा है।
द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरी तरह परिचालन में आने के बाद गुरुग्राम के कई सेक्टरों से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट और आगामी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव तक पहुंचने में 20 मिनट से भी कम समय लगेगा। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि आसपास की रियल एस्टेट परियोजनाओं को भी बड़ा लाभ मिलेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे से लेकर रेवाड़ी तक का हिस्सा भी इस साल सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके चालू होते ही गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने के लिए दो बेहतर विकल्प हो जायेंगे। फिलहाल दिल्ली-जयपुर हाईवे ही बेहतर विकल्प है।
मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में उभरा क्षेत्र
द्वारका एक्सप्रेसवे को दुनिया की सबसे लंबी एलिवेटेड शहरी सड़क परियोजनाओं में शामिल माना जाता है। इसमें 8-लेन मुख्य मार्ग और 8-लेन सर्विस रोड की सुविधा है। अब इस कॉरिडोर को गुरुग्राम मेट्रो परियोजना और अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER-II) से भी जोड़ा जा रहा है। मेट्रो विस्तार कार्य शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।
सेक्टर 106, 111 और 113 को सबसे बड़ा फायदा
दिल्ली सीमा और एयरपोर्ट के करीब स्थित सेक्टर 106, 111 और 113 को इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ मिला है। यहां रहने वाले लोग अब विशेष सुरंग (टनल) के जरिए बिना ट्रैफिक सिग्नल के सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल-3 तक पहुंच सकते हैं। पहले जहां एयरपोर्ट पहुंचने में 40 से 45 मिनट तक लग जाते थे, वहीं अब यह सफर लगभग 10 मिनट में पूरा हो रहा है।
ग्लोबल सिटी और मेट्रो से बढ़ेगी सेक्टर 36A, 37D और 102 की अहमियत
द्वारका एक्सप्रेसवे के पास विकसित हो रही 1,000 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना को गुरुग्राम का नया कारोबारी केंद्र माना जा रहा है। सेक्टर 36A, 37D और 102 को प्रस्तावित मेट्रो स्पर लाइन से भी जोड़ा जाएगा। इससे यहां के निवासियों को सीधे मिलेनियम सिटी सेंटर और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी।
न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों को भी मिला फायदा
सेक्टर 88A, 89 और 95 जैसे न्यू गुरुग्राम क्षेत्र अब द्वारका एक्सप्रेसवे के जरिए मानेसर और केएमपी एक्सप्रेसवे से तेजी से जुड़ गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी मानेसर में काम करने वाले लोगों के लिए यात्रा का समय काफी कम हुआ है। साथ ही खेड़की दौला टोल से बचकर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना भी आसान हो गया है।
रियल एस्टेट में बढ़ी मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास स्थित आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। मेट्रो, ग्लोबल सिटी और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में संपत्ति के दाम और बढ़ सकते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे अब केवल एक परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि गुरुग्राम के भविष्य के विकास की धुरी बनता जा रहा है।
