उत्तराखण्ड गया श्रधालुओं का जत्था लौटा उदयपुर
जिले के सराडा तहसील के श्रधालुओं का जत्था उत्तराखण्ड से उदयपुर लौट आया। उदयपुर लौट आने पर क्षेत्र के लोगों के द्वारा का स्वागत किया गया।
जिले के सराडा तहसील के श्रधालुओं का जत्था उत्तराखण्ड से उदयपुर लौट आया। उदयपुर लौट आने पर क्षेत्र के लोगों के द्वारा का स्वागत किया गया।
ये लोग 10 जून को चारधाम के दर्शन के लिये गये थे। उत्तराखण्ड में भारी तबाही में ये लोग 8 दिनो तक फंसे रहे। उदयपुर के सराडा तहसील से गये 40 लोगों का जत्था सकुशल लौट आया है।
यात्रा पर गये गणेश लाल ने बताया कि उत्तराखण्ड में बादल फटने व तेज बारिश के दौरान वह केदारनाथ के पास भरगंडी गांव मे फंसे हुये थे। उन्होनें बताया कि वे चार रात-दिन तक पहाड की एक चट्टान पर बैठे रहे।
कई यात्रा के दौरान कई यात्रियो का स्वास्थ भी खराब हो गया था। लगातार 6 दिन संघर्ष के बाद आर्मी जवानों में वहां पर पुल बनाकर उन्हे निकाला। बाद में प्रशासन की मदद से पुरे दल को देहरादन लाया गया। इस दौरान कई प्रकार प्रशासन की लापरवाही व उदासीनता भी सामने आई। जत्थे मे जिले के सराडा, सलुम्बर, बस्सी, डाल, कन्तौडा के महिलाएं व पुरूष थे।
यात्रियों का कहना था कि पिछले जन्मों के पुण्य के कारण वे मौत के मुंह से बचे है, उनके सामने कई लोगों की मौत हुई थी। अब भी वहां पर हजारों लाशें पडी हुई है। घर लौट आए श्रधालुओं ने बताया कि क्षेत्रों में आस-पास के जंगलो मे प्रशासन या आर्मी के लोग नहीं पहुंचे थे, आर्मी व प्रशासन के अधिकारी केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित बडे स्थानों पर ही ऑपरेशन कर रहे थे।
त्रासदी के दौरान आस-पास के सैंकडो गांव के लोग अपना घर बार खो चुके है, जिनकी अब तक प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली है। ये जत्था के लोग भी आस-पास के गांवो मे भटकते रहें ना तो उन्हें खाने को कुछ मिला ना ही पीने को पानी।
उदयपुर के रेती स्टेण्ड स्थित किसान भवन मे उतरने के बाद राजनीतिक पार्टियों के लोग भी एकत्र होने लग गये थे। मौके पर बीजेपी व काग्रेस के पदाधिकारी पहुंच कर हलातों के बारे मे पुछ रहे थे।
इस दौरान ग्रामीण विधायक सज्जन कटारा, महापौर रजनी डांगी, सुखबीर कटारा, दिनेश भट्ट सहित कई लोग पहुंचे और पीडितों से हालातों के बारे में जाना।
इस दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकताओं मे आपस मे एक-दुसरे को आगे दिखाने की होड लगी रही। बीजेपी के कार्यकर्ता इसे उतराखण्ड सरकार की विफलता बता रहे थे, तो कांग्रेस के कार्यकर्ता उसे सरकार के द्वारा बेहतर प्रयासों की बात कर रहे थे।
