दुष्कर्म पीडि़ता से मिलकर बाल आयोग की अध्यक्ष ने जानी व्यथा, दिए कार्यवाही के निर्देश
वल्लभनगर पंचायत समिति की बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को गम्भीरता से लेते हुए राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने अपने सिरोही से जयपुर यात्रा के दौरान उदयपुर आकर राजकीय महाराणा भोपाल चिकित्सालय में भर्ती पीडि़ता एवं उसके परिवारजनो से मिली। अध्यक्ष ने पीडि़ता से अलग से बात करके उसकी व्यथा को जाना एवं मौके पर मौजुद जिला प्रशासन के अधिकारियों को उचित एवं जल्द कार्यवाही के निर्देश देते हुए पूरी रिपोर्ट बाल आयोग को भेजने के निर्देश दिए।
वल्लभनगर पंचायत समिति की बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को गम्भीरता से लेते हुए राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने अपने सिरोही से जयपुर यात्रा के दौरान उदयपुर आकर राजकीय महाराणा भोपाल चिकित्सालय में भर्ती पीडि़ता एवं उसके परिवारजनो से मिली।
अध्यक्ष ने पीडि़ता से अलग से बात करके उसकी व्यथा को जाना एवं मौके पर मौजुद जिला प्रशासन के अधिकारियों को उचित एवं जल्द कार्यवाही के निर्देश देते हुए पूरी रिपोर्ट बाल आयोग को भेजने के निर्देश दिए।
बाल आयोग की अध्यक्ष का उदयपुर प्रवेश पर स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा स्वागत किया गया । राजस्थान आदिम जाति सेवक संघ के सूखेर स्थित निराश्रित बाल ग्रह का विजिट करने के साथ संस्थान के मंत्री बनवारी लाल गौड़ ने चतुर्वेदी का अभिनंदन किया। संघ के अध्यक्ष मदन सिंह वर्मा ने चतुर्वेदी से बाल ग्रहों के संचालन के विषय में चर्चा की।
सूखेर में आयोजित बैठक में बाल आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि उदयपुर में बाल श्रम रोकने एवं भिक्षाव्रती मुक्त करने हेतु जो पूर्व में अभियान चलाया गया था उसकी समीक्षा की जाए। जब तक रेस्क्यू किए गए बच्चों का सही पुनर्वास नहीं किया जाता हम इस तरह के अभियानों में सफलता प्राप्त नही कर पाएंगे। जिला प्रशासन एवं बाल सुरक्षा नेटवर्क मिलकर पहले कार्य योजना तैयार करें एवं संयुक्त प्रयास से हम निश्चित ही झीलों की नगरी उदयपुर को भिक्षाव्रती मुक्त बना पाएंगे।
इस अवसर पर बाल आयोग की अध्यक्ष के साथ सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग, उदयपुर मीना शर्मा, पर्यवेक्षक अधिकारी आशुतोष राठौड़, बाल अधिकार विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र पण्ड्या, बाल कल्याण समिति उदयपुर, सहित स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजुद रहे। जयपुर प्रस्थान के दोरान शहर के मुख्य चोराहे पर बाल याचकों को देख चतुर्वेदी ने उनके परिवारजनो से समजाइश की।
