कई स्थानो पर पानी का रंग काला दिखने लगा
तापक्रम में बढ़ोतरी के साथ ही झीलों में कार्बनिक पदार्थो से होने वाले प्रदुषण में तेजी आई है। कई स्थानो पर पानी का रंग काला दिखने लगा है। यह झील में घुलनशील ऑक्सीजन की घटती मात्रा का सूचक है।

तापक्रम में बढ़ोतरी के साथ ही झीलों में कार्बनिक पदार्थो से होने वाले प्रदुषण में तेजी आई है। कई स्थानो पर पानी का रंग काला दिखने लगा है। यह झील में घुलनशील ऑक्सीजन की घटती मात्रा का सूचक है।
झील मित्र संस्थान,झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित संवाद में अनिल मेहता, तेजशंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने नागरिको से अपील की कि झीलों में गन्दगी, कचरा, पोलिथिन का विशर्जन नहीं करे तथा प्रशासन झीलों में जा रहे सीवर को रोकने व जल की गुणवत्ता सुधार की तरफ ध्यान दे।
संवाद पूर्व चांदपोल पिछोला झील पर हुए रविवारीय श्रमदान में जलीय खरपतवार, प्लास्टिक, पोलिथिन व थेली कट्टो में भरा घरेलू कचरा निकाला। श्रमदान में रमेश चन्द्र राजपूत,दिनेश स्वर्णकार,तेज शकर पालीवाल,अम्बालाल नकवाल,राजू हेला , कुलदीपक पालीवाल ,दुर्गा शंकर पुरोहित ,अजय सोनी ,नलीन पुरोहित ,अनिल मेहता ,नन्द किशोर शर्मा ने भाग लिया।
