लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास से ही देश आगे बढेगा: इन्द्रजीत यादव
“शाहजहां के जमाने में क्वालिटी स्टैण्डर्ड नहीं होते थे। इसके बावजूद डिजाईन, आर्किटेक्ट, नक्काशी आदि के मामले में ताजमहल बेजोड है क्योंकि देश का बादशाह होने के कारण शाहजहां के पास बेहतरीन क्वालिटी का मार्बल और भवन निर्माण कला के सर्वश्रेष्ठ कारीगरों की टीम मौजूद थी। किन्तु आज के एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखना पड़ेगा क्योेंकि उनके पास शाहजहा के समान संसाधन उपलब्ध नहीं है।’’
“शाहजहां के जमाने में क्वालिटी स्टैण्डर्ड नहीं होते थे। इसके बावजूद डिजाईन, आर्किटेक्ट, नक्काशी आदि के मामले में ताजमहल बेजोड है क्योंकि देश का बादशाह होने के कारण शाहजहां के पास बेहतरीन क्वालिटी का मार्बल और भवन निर्माण कला के सर्वश्रेष्ठ कारीगरों की टीम मौजूद थी। किन्तु आज के एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखना पड़ेगा क्योेंकि उनके पास शाहजहा के समान संसाधन उपलब्ध नहीं है।’’ उपरोक्त विचार नई दिल्ली से आये क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया के लीड ट्रेनर श्री अवनेन्द्र यादव ने यूसीसीआई में व्यक्त किये। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया के साझे में लघु एवं मध्यम उपक्रम से जुड़े उद्यमियों को सक्षम बनाने के लिये 5 दिवसीय निःशुल्क कार्यशाला आज से शुरू हुई।
कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए एमएसएमई – पीपीडीसी, आगरा के उप निदेशक श्री इन्द्रजीत यादव ने प्रोडक्ट क्वालिटी के महत्व के बारे में बताया। यदि कोई उत्पाद डिफेक्टिव निकलता है तो उद्योग को न केवल उसे रिपलेस करने में धन एवं समय का अपव्यय होता है बल्कि ग्राहक द्वारा उक्त ब्रांड की नकारात्मक पब्लिसिटी से बिक्री पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के ट्रेनर श्री योगेश गुप्ता ने जानकारी दी कि दुनिया में क्वालिटी स्टेण्डर्ड के मामले में जापान की तकनीक सर्वश्रेष्ठ है। इससे प्रेरणा लेकर केन्द्र सरकार ने जेड प्रमाणीकरण योजना के तौर पर भारतीय गुणवत्ता मानक जारी किये हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि देश में कुल 233 सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान
एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगो को इन सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में सप्लाई हेतु टेण्डर प्राप्त करने के लिये सरकार द्वारा शीघ्र ही जेड प्रमाणीकरण प्राप्त ही योग्य माना जायेगा। आरंभ में अध्यक्ष श्री वी.पी. राठी ने सभी का स्वागत किया। इस 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र से जुड़े लगभग 35 उद्यमी भाग ले रहे है।
