65 हजार करोड़ में यहां बनेगा देश का सबसे बड़ा ग्रीन इंडस्ट्रियल हब, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, New Delhi : ओडिशा का गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क तेजी से पूर्वी भारत के प्रमुख ग्रीन इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है। टाटा स्टील स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (TSSEZL) की ओर से विकसित इस औद्योगिक पार्क में रु65,400 करोड़ से अधिक की निवेश पाइपलाइन तैयार हो चुकी है। ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते निवेश से गोपालपुर की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदल रही है।
रु 10 हजार करोड़ की टाटा पावर परियोजना से मिलेगी रफ्तार
गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क में टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) की ओर से रु10,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के लिए जमीन हस्तांतरण समझौता किया गया है।
इस परियोजना के तहत सोलर इंगॉट और वेफर का निर्माण किया जाएगा। इससे ओडिशा में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ गोपालपुर के देश के प्रमुख क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।
ग्रीन अमोनिया प्लांट की भी है तैयारी
गोपालपुर में ग्रीन एनर्जी से जुड़ी एक और बड़ी परियोजना की तैयारी है। ओडिशा सरकार, जापान की IHI Corporation, ACME Group और TSSEZL के बीच हुए समझौते के तहत यहां 0.4 MTPA क्षमता का ग्रीन अमोनिया प्लांट और जेट्टी-रहित फ्लोटिंग टर्मिनल स्थापित करने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना से राज्य के क्लीन एनर्जी सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
TSSEZL के प्रबंध निदेशक मणिकांत नायक के मुताबिक, गोपालपुर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक गंतव्य बनाने का लक्ष्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिजली और पानी की आपूर्ति के लिए राज्य सरकार की ओर से विकसित की जा रही आधारभूत परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिला है।
‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ का मिला सम्मान
गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क को औद्योगिक बुनियादी ढांचे और नवाचार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान भुवनेश्वर में आयोजित स्मार्ट लॉजिस्टिक्स समिट एंड अवार्ड्स 2026 के दौरान दिया गया।
ग्रीन हाइड्रोजन से टायर तक, कई सेक्टर में होगा निवेश
गोपालपुर पार्क में सिर्फ ग्रीन एनर्जी ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी बड़े निवेश आ रहे हैं। यहां ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, स्पेशलिटी केमिकल्स, टायर, मिनरल प्रोसेसिंग और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
इनमें अवाडा ग्रीन H2, ओसियर एनर्जी, हाइजेनको, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज, वर्ल्ड ग्रीन एनर्जी, सुपरफॉर्म केमिस्ट्रीज, SRF लिमिटेड, ATC टायर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स समेत कई कंपनियां शामिल हैं।
ACME, अवाडा ग्रीन H2 और हाइजेनको ने SEZ क्षेत्र में मेगा प्रोजेक्ट स्थापित करने का फैसला किया है, जबकि अन्य कंपनियां डोमेस्टिक टैरिफ एरिया में जमीन लेकर अपनी परियोजनाएं विकसित कर रही हैं।
2,970 एकड़ में फैला है पार्क
टाटा स्टील की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी TSSEZL की ओर से विकसित गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क करीब 2,970 एकड़ में फैला है। यहां उद्योगों के लिए आंतरिक सड़क नेटवर्क, बिजली और पानी की आपूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम, पर्यावरणीय मंजूरी और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा समर्पित यूटिलिटी कॉरिडोर के जरिए गोपालपुर बंदरगाह तक कनेक्टिविटी भी दी गई है।
रोजगार और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा
पूर्वी तट पर रणनीतिक स्थिति और बंदरगाह, रेल तथा राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क को निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही है।
रु65,400 करोड़ से अधिक की निवेश पाइपलाइन और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के आगे बढ़ने से यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, गोपालपुर ओडिशा को भारत के कम-कार्बन वाले विनिर्माण और क्लीन एनर्जी सेक्टर के प्रमुख केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।