दिल्ली-हरियाणा समेत 6 राज्यों से होकर गुजरेगा देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, आधे समय में पूरा होगा सफर

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दिल्ली-हरियाणा समेत 6 राज्यों से होकर गुजरेगा देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, आधे समय में पूरा होगा सफर

Udaipur Times, Delhi-Mumbai Expressway : देश का सबसे लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जल्द पूरी तरह चालू होने वाला है। 1,386 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच सड़क यात्रा को पूरी तरह बदल देगा। इसके शुरू होने के बाद दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय करीब 24 घंटे से घटकर सिर्फ 12 घंटे रह जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का शेष निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और डीएनडी (DND) सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त के आसपास इसका उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

6 राज्यों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे छह राज्यों को हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा।

दिल्ली: लगभग 12 किमी
हरियाणा: सोहना और नूंह (129 किमी)
राजस्थान: दौसा, सवाई माधोपुर और कोटा (373 किमी)
मध्य प्रदेश: रतलाम और झाबुआ (244 किमी)
गुजरात: वडोदरा, भरूच और सूरत (426 किमी)
महाराष्ट्र: ठाणे होते हुए मुंबई (171 किमी)

इससे पश्चिमी और मध्य भारत के 20 से अधिक प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

12 घंटे में पूरी होगी दिल्ली से मुंबई की यात्रा

फिलहाल दिल्ली से मुंबई तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 24 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद यह समय घटकर करीब 12 घंटे रह जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी, माल ढुलाई तेज होगी और लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होगी। खासतौर पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के उद्योगों को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) की प्रमुख खूबियां

कुल लंबाई 1,386 किलोमीटर

शुरुआत में 8 लेन, भविष्य में 12 लेन तक विस्तार की सुविधा

अधिकतम डिजाइन गति 120 किमी प्रति घंटा

छह राज्यों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

दिल्ली-मुंबई यात्रा का समय लगभग आधा होगा

ग्रीन और डिजिटल हाईवे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) को पर्यावरण अनुकूल और स्मार्ट तकनीक से लैस बनाया गया है। कई स्थानों पर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिनमें ऑटोमेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS), हाई-टेक CCTV निगरानी, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग, नियमित अंतराल पर ट्रॉमा सेंटर और एयर एम्बुलेंस के लिए इमरजेंसी हेलिपैड शामिल हैं। इन सुविधाओं से दुर्घटनाओं के दौरान राहत और बचाव कार्य तेज हो सकेगा।

एशिया का पहला वाइल्डलाइफ फ्रेंडली एक्सप्रेसवे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) की सबसे बड़ी खासियत इसका वाइल्डलाइफ फ्रेंडली डिजाइन है। रणथंभौर नेशनल पार्क और मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क के पास वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कई एनिमल ओवरपास और अंडरपास बनाए गए हैं। इसे इस तरह की बड़ी संख्या में एनिमल ओवरपास वाला एशिया का पहला एक्सप्रेसवे माना जा रहा है। जंगल क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए विशेष साउंड बैरियर भी लगाए गए हैं।

भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे – 1,386 किमी
मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग) – 701 किमी
गंगा एक्सप्रेसवे (निर्माणाधीन) – 594 किमी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे – 340.8 किमी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे – 302 किमी

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर मिलेगा। साथ ही माल ढुलाई, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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