विदेशों की तर्ज पर देश के नेशनल हाईवे बनेंगे डिजिटल, जाने लोगों को क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं ?
Udaipur Times, New Delhi : देश वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत के नेशनल हाईवे सिर्फ डामर और कंक्रीट का जाल नहीं रहेंगे, बल्कि उनके पास भी यूरोप और चीन की तर्ज पर अपना एक डिजिटल अवतार होगा। इसके लिए केंद्र सरकार, इसरो और एआई तकनीक की मदद से 1.46 लाख किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क का 'डिजिटल ट्विन' (वर्चुअलब मॉडल) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
योजना के तहत हाईवे पर लगे सेंसर, ड्रोन और सैटेलाइट से मिलने वाला रियल-टाइम डेटा इस मॉडल को 24 घंटे अपडेट रखेगा। यानी सड़क पर गड्ढे, मौसम के असर, ट्रैफिक जाम या हादसे की आशंका से पहले ही सिस्टम अलर्ट जारी कर देगा। सरकार ने 2028 तक पूरे देश में इस तकनीक को लगाने का लक्ष्य रखा है।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना को इसी माह कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद चुनिंदा एक्सप्रेसवे पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे। यह तकनीक भौतिक सड़क की एक चलती-फिरती डिजिटल परछाई होगी।
हाईवे पर लगे सेंसर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस, ड्रोन कैमरे, वाहनों में लगे डैशकैम और उपग्रहों से मिलने वाले डेटा को एआई एल्गोरिदम से जोड़कर यह वर्चुअल मॉडल लगातार अपडेट होता रहेगा।