दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे इन 6 राज्यों को जोड़ता है आपस में, देखें किन-किन शहरों का सफर होगा आसान ?
Udaipur Times, New Delhi : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लेकर यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। गुजरात और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाला करीब 157 KM लंबा नया स्ट्रेच खुल गया है। यह हिस्सा नवसारी से आगे बढ़ते हुए वापी, वलसाड और दहानू को बायपास कर पालघर और विरार के आसपास तक कनेक्टिविटी देगा।
हालांकि, इसे पूरे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के खुलने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। दिल्ली से वडोदरा तक एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा पहले ही चालू है, लेकिन वडोदरा से नवसारी और आगे मुंबई की तरफ कुछ हिस्सों पर अभी काम जारी है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से 6 राज्यों को आपस में जोड़ता है:
दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी)
हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल आदि)
राजस्थान (अलवर, जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, भरतपुर आदि)
मध्य प्रदेश (रतलाम, मंदसौर, झाबुआ आदि)
गुजरात (दाहोद, गोधरा, वडोदरा, सूरत आदि)
महाराष्ट्र (पालघर, मुंबई आदि)
इसके अलावा, लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह उत्तर प्रदेश (यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए नोएडा, आगरा, लखनऊ) से भी जुड़ जाता है।
नवसारी से पालघर तक बनेगा नया तेज रास्ता
करीब 157 किलोमीटर का यह नया स्ट्रेच गुजरात से महाराष्ट्र की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद नवसारी, सूरत क्षेत्र, वापी, वलसाड, दहानू, पालघर और विरार के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
फिलहाल इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रक, औद्योगिक वाहन और स्थानीय ट्रैफिक NH-48 का इस्तेमाल करते हैं। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने से इस पुराने हाईवे पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है।
जाने किन इलाकों को होगा कनेक्टिविटी का फायदा?
नए स्ट्रेच का सीधा फायदा गुजरात और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों को मिलने की उम्मीद है। खासकर,नवसारी,सूरतक्षेत्रवापी, वलसाड, दहानू, पालघर, विरार, इन इलाकों के बीच सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को भी फायदा मिल सकता है।
NH-48 पर कम हो सकता है ट्रैफिक
वापी, वलसाड और दहानू के आसपास NH-48 पर भारी ट्रक और औद्योगिक वाहनों का दबाव रहता है। एक्सप्रेसवे का नया हिस्सा इस ट्रैफिक का एक बड़ा हिस्सा अपने ऊपर ले सकता है।
एक्सप्रेसवे पर नियंत्रित प्रवेश और बेहतर सड़क डिजाइन के कारण लंबी दूरी के वाहनों को ज्यादा सुचारु सफर मिल सकता है। इससे नवसारी से पालघर की ओर यात्रा के समय में भी कमी आने की उम्मीद है।
दिल्ली से मुंबई का पूरा एक्सप्रेसवे रूट अभी नहीं हुआ तैयार
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे करीब 1,350 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। दिल्ली से वडोदरा तक इसका बड़ा हिस्सा चालू हो चुका है।
हालांकि, नए 157 किलोमीटर के स्ट्रेच के खुलने के बावजूद दिल्ली से मुंबई तक लगातार एक्सप्रेसवे पर यात्रा संभव नहीं होगी, क्योंकि कुछ हिस्सों पर अभी काम बाकी है।
मुंबई और JNPT कनेक्टिविटी को भी मिलेगा फायदा
आगे चलकर जब बाकी हिस्से पूरे हो जाएंगे, तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे गुजरात और महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्रों को मुंबई तथा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) से बेहतर तरीके से जोड़ सकेगा।
इससे यात्रियों के साथ-साथ सूरत, वापी, वलसाड और मुंबई क्षेत्र के बीच माल ढुलाई को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।