ड्राइवर की बेटी एक दिन के लिए बनीं DM ! सीएम के साथ की बैठक, जाने 12वीं की छात्रा स्वाति की कहानी ?
Udaipur Times, New Delhi : बिहार के मधुबनी जिले की 12वीं कक्षा की छात्रा स्वाति कुमारी ने अपनी प्रतिभा से ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। ‘ऑफिसर्स फॉर ए डे’ कार्यक्रम में करीब 5 हजार बच्चों को पीछे छोड़कर स्वाति ने पहला स्थान हासिल किया और एक दिन के लिए जिले की DM की जिम्मेदारी संभाली।
ड्राइवर की बेटी ने जीता इंटरव्यू
मधुबनी के उछाल गांव की रहने वाली स्वाति कुमारी के पिता संजय झा ड्राइवर हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं और गाय पालन करती हैं। साधारण परिवार से आने वाली स्वाति के सपने बड़े हैं। कार्यक्रम के लिए जिले के करीब 5 हजार बच्चों ने आवेदन किया था। इंटरव्यू में अपने क्रिएटिव जवाबों के दम पर स्वाति ने पहला स्थान हासिल किया।इसके बाद उन्हें एक दिन के लिए मधुबनी की जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई।
12 घंटे तक प्रशासनिक कामकाज को करीब से समझा
स्वाति ने करीब 12 घंटे तक तत्कालीन जिलाधिकारी आनंद शर्मा के साथ रहकर प्रशासनिक कामकाज को समझा। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और अधिकारियों के काम करने के तरीके को करीब से देखा।
स्वाति के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनीं और यह समझने का प्रयास किया कि एक जिलाधिकारी को किसी मामले में फैसला लेने से पहले अलग-अलग पक्षों को किस तरह सुनना पड़ता है।
CM के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक
एक दिन की DM बनीं स्वाति के लिए यह अनुभव और भी खास रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में बिहार के सभी 38 जिलों के जिलाधिकारी जुड़े थे। स्वाति ने छात्रों से जुड़ी योजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा को भी करीब से देखा।
कार्यक्रम के दौरान जल-नहर से जुड़ी करीब 500 करोड़ रुपये की परियोजना का जिक्र भी स्वाति ने किया। इसके अलावा उन्होंने कैंडल मार्च में हिस्सा लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
गांव के स्कूल की समस्या भी उठाई
स्वाति ने बताया कि उनके गांव के स्कूल में पढ़ाई की सुविधाएं बहुत अच्छी नहीं हैं। एक दिन की DM की भूमिका में उन्होंने अपने क्षेत्र के स्कूल की स्थिति पर भी ध्यान देने की अपील की। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
स्वाति बोलीं- ऐसे कार्यक्रम बच्चों को देते हैं नई प्रेरणा
स्वाति ने कहा कि ‘ऑफिसर्स फॉर ए डे’ जैसा कार्यक्रम छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। 12वीं के बाद जब बच्चे अपने करियर की दिशा तय करते हैं, उस समय प्रशासनिक अधिकारियों के काम को करीब से देखने से उन्हें बड़ा लक्ष्य तय करने की प्रेरणा मिलती है। स्वाति का सपना आगे पढ़ाई जारी रखने और बड़े लक्ष्य हासिल करने का है। साधारण परिवार से निकलकर हजारों बच्चों के बीच अपनी प्रतिभा के दम पर एक दिन की DM बनने वाली स्वाति की कहानी निश्चित तौर पर दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
