बड़े भाई IPS छोटी बहन को UPSC में 3 बार मिली असफलता, प्लानिंग बदल सेल्फ स्टडी के दम पर बनीं SDM
Udaipur Times, SDM Sapna Jha : अक्सर कहा जाता है कि अगर आपमें कुछ हासिल करने का जुनून और लगन हो और आप उसके लिए ईमानदारी से मेहनत करें, तो सफलता ज़रूर मिलती है। बिहार की सपना झा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सपना झा ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की और बिहार प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई।
परीक्षा में 201वीं रैंक हासिल करके उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) का पद प्राप्त किया। उनका सफर उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो शुरुआती असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं और दोबारा कोशिश नहीं करते। सपना को यह सफलता आसानी से नहीं मिली; इसे पाने के लिए उन्होंने दिन-रात अथक प्रयास किया। आइए, हम आपको उनकी सफलता की कहानी बताते हैं।
कौन हैं सपना झा?
सपना झा मधुबनी जिले के रहिका की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की, जहाँ उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि होने के बावजूद, उनका झुकाव जनसेवा की ओर था।

इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी। इंजीनियरिंग से प्रशासनिक सेवा की ओर रुख करने का उनका निर्णय उनके पिता और बड़े भाई से प्रेरित था।
बड़े भाई पूरन झा IPS अधिकारी
सपना के बड़े भाई, पूरन झा, 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। बिहार पुलिस में, पूरन कुमार झा एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता और प्रभावशाली छवि के दम पर बहुत कम समय में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने MBM इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई (BE) पूरी की।

वर्तमान में, वे विजिलेंस ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर कार्यरत हैं; इससे पहले वे सिवान में SP के पद पर थे। वहीं, उनके पिता, निर्भय नारायण झा, भारतीय रेलवे में तकनीशियन के तौर पर काम करते हैं और उनकी मां का नाम रेनू झा है। उनके भाई और माता-पिता ने हर कदम पर सपना का साथ दिया।
UPSC परीक्षा में असफलता के बाद बदली रणनीति
शुरुआत में सपना का लक्ष्य इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) में शामिल होना था और उन्होंने इसके लिए कोशिशें भी कीं; लेकिन जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि अपनी रणनीति बदल ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IAS अधिकारी बनने के लिए उन्होंने तीन बार UPSC परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका बदला।

तीसरे प्रयास में बनीं SDM
UPSC परीक्षा में सफलता न मिलने के बाद, उन्होंने BPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। हालाँकि, BPSC का रास्ता भी आसान नहीं था। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी; बल्कि कड़ी मेहनत और सही रणनीति के दम पर, तीसरे प्रयास में उनका चयन SDM के पद पर हुआ।