दुश्मनों को लोहे के चने चबवा देते थे मेवाड़ के धारदार हथियार

महाराणा उदयसिंह द्वितीय ने 1559 में सालेह खाना की स्थापना की जिसमें मेवाड़ के शूरवीरों द्वारा युद्ध में प्रयुक्त किए गए हथियार रखते है। इन हथियारों में तलवार, पट्टा, खण्डास, स्पियर्स, कटार्स, खंजर्स, छुरी, मेस (गद्दा), कुल्हाड़ी, फरसा, बुगदा, गुप्ती, अंकुश, गिलोल, दुधारी तलवार आदि है। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के लौह कारीगर सिकलीघरों द्वारा निर्मित यह हथियार इतने मजबूत और धारदार होते थे कि वे दुश्मनों को कवच सहित चीरकर रख देते थे।

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दुश्मनों को लोहे के चने चबवा देते थे मेवाड़ के धारदार हथियार

यहां सिटी पैलेस स्थित महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा शहर की ऐतिहासिक एवं प्राचीन धरोहर के संवर्द्धन, संरक्षण के उद्देश्य से किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी पर्यटकों को मिलें इस बाबत स्थानीय गाइडों के लिए विशेष कार्यशाला सोमवार को आयोजित की गई। कार्यशाला में महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र सिंह आउवा ने संग्रहालय के प्रसिद्ध सालेह खाना पर जानकारी दी।

महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र सिंह आउवा ने बताया कि महाराणा उदयसिंह द्वितीय ने 1559 में सालेह खाना की स्थापना की जिसमें मेवाड़ के शूरवीरों द्वारा युद्ध में प्रयुक्त किए गए हथियार रखते है। इन हथियारों में तलवार, पट्टा, खण्डास, स्पियर्स, कटार्स, खंजर्स, छुरी, मेस (गद्दा), कुल्हाड़ी, फरसा, बुगदा, गुप्ती, अंकुश, गिलोल, दुधारी तलवार आदि है। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के लौह कारीगर सिकलीघरों द्वारा निर्मित यह हथियार इतने मजबूत और धारदार होते थे कि वे दुश्मनों को कवच सहित चीरकर रख देते थे। उन्होंने हथियारों की बनावट एवं चलाने के तरीके सहित रखरखाव की विस्तृत जानकारी गाइडों को दी। इस अवसर पर शहर के अनेक गाईड एवं फाउण्डेशन के अधिकारी उपस्थित थे।

इन्होंने लिया भाग: सोमवार को आयोजित कार्यशाला में राजेन्द्र वीर सिंह सोलंकी, राजेन्द्र कुमार सुखवाल, राजेन्द्र सिंह राठौड़, राजीव सिंह चौहान, राकेश पालीवाल, राम रतन दवे, रमेश चन्द्र पटवा, रणजीत सिंह राठौड़, रणवीर सिंह पंवार, रणविजय सिंह पंवार, रिपुदमन सिंह राठौड़, रयनिश नाथावत, शिवराज सिंह चौहान, समीर श्रीवास्तव, संदीप दाधीच, संजय सिंह चौहान, सांवर सिंह पंवार, शैलेष सोनी, शकीर परवेज, शूरवीर सिंह सोलंकी, सिद्धार्थ शर्मा, सुल्तान सिंह देओल, सुनील पुजारी, अयाज, ललित श्रीमाली, अभिमन्यु सिंह देवड़ा, सुरेश चन्द्र वैष्णव, योगेश आमेटा, लक्ष्मीलाल गोयल, वीरेन्द्र सिंह विशावत, विनोद पालीवाल, नूतन, मनोज जोशी, शेख अब्दुल कलाम, परिक्षित सिंह राठौड़, रामचरण सिंह ने भाग लिया।

दुश्मनों को लोहे के चने चबवा देते थे मेवाड़ के धारदार हथियार

सिटी पैलेस में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित गाइड एवं अतिथि

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