क्रेशर मशीन में आने से युवक का चेहरा बिखरा
अपनी आजीविका कमाने और बेहतर जीवन व्यतीत करने हेतु, रात के समय खेत में गेहूँ को क्रेशर के माध्यम से साफ कर रहे एक 18 वर्षीय युवक का दायीं ओर का चेहरा क्रेशर मशीन में आने से बिखर गया। आपातकालीन स्थिति में उसे प्रातः 4 बजे गीतांजली हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। जहां ओरल व मैक्सिलो फैशियल सर्जन डॉ कविता राघौथम एवं एनेस्थेटिस्ट डॉ अनिल ने सफल ऑपरेशन कर जान बचाई।
अपनी आजीविका कमाने और बेहतर जीवन व्यतीत करने हेतु, रात के समय खेत में गेहूँ को क्रेशर के माध्यम से साफ कर रहे एक 18 वर्षीय युवक का दायीं ओर का चेहरा क्रेशर मशीन में आने से बिखर गया। आपातकालीन स्थिति में उसे प्रातः 4 बजे गीतांजली हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। जहां ओरल व मैक्सिलो फैशियल सर्जन डॉ कविता राघौथम एवं एनेस्थेटिस्ट डॉ अनिल ने सफल ऑपरेशन कर जान बचाई।
डॉ कविता ने बताया कि विष्णु (उम्र 18 वर्ष) जब गीतांजली हॉस्पिटल लाया गया था तब उसके चेहरे का दायीं ओर का हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया था। जिस कारण तुरन्त ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। इस जटिल ऑपरेशन में साढ़े आठ घंटें का समय लगा। रोगी के दायीं ओर के चेहरे की मांस पेशियां बिखर गई थी। एवं उसकी दायीं ओर की आंख कान तक लटक गई थी। जिससे उसकी आंख की रोशनी कभी भी जा सकती थी। साथ ही दांत व जबड़े की हडिड्यां भी पूरी तरह से टूट चुकी थी। डॉ कविता ने दायीं ओर के चेहरे की रिकंस्ट्रकटिव सर्जरी की और हडिड्यों को प्लेटिंग द्वारा निर्धारित किया। इस सर्जरी में फ्लैप द्वारा दायीं ओर की आंख को भी सही जगह स्थापित किया गया। जिस कारण डॉक्टर के प्रयास से रोगी की आंख की रोशनी जाने से बच गई। वह अब अपनी ही आंख से देख पा रहा है। और दायीं ओर के बाहर आए हुए जबड़े को भी पुनः स्थापित किया गया। जिससे उसके दांत व जबड़े पहले की तरह सामान्य प्रतीत हो रहे है। इस सफल ऑपरेशन के कारण रोगी की जान बचाई जा सकी। साथ ही एक और रिकंस्ट्रकटिव सर्जरी कर उसके चेहरे को फिर से वही रुप दिया जाएगा। रोगी अब स्वस्थ है।
रोगी के परिजन ने बताया कि रात को खेत मेें बिना लाईट की रोशनी में काम कर रहे विष्णु का गमछा, जिससे उसने अपना मुँह ढक रखा था, उसके आखिर के दोनों सिरे क्रेशर में चले गए। रोशनी ना होने की वजह से विष्णु का चेहरा भी गमछे के साथ क्रेशर मशीन में चला गया जिससे उसका चेहरा बिखर गया।
डॉ कविता ने बताया कि रिकंस्ट्रकटिव सर्जरी हड्डी और ऊतकों को स्थिर करने के लिए की जाती है। इस सफल सर्जरी के चलते रोगी को जीवन दान मिला। सफल ऑपरेशन के कारण विष्णु अब सबके समक्ष आने में सक्षम है।