खेत में सोलर सिस्टम लगा किसान हुआ मालामाल ! अब हर महीने कमा रहा 3 लाख रुपये
Udaipur Times, PM Kusum Yojana : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र के किसान सुरेंद्र पाटीदार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) का लाभ उठाकर अपनी खेती को कमाई का नया जरिया बना दिया है। उन्होंने अपने करीब छह एकड़ खेत में 2 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया है। अब वह सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन कर भी हर महीने लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
सुरेंद्र पाटीदार ने योजना के कंपोनेंट-ए के तहत आवेदन किया था। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम की मदद से उनके खेत में सोलर प्लांट लगाया गया। इस परियोजना के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से करीब 6.65 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जबकि शेष राशि उन्होंने स्वयं निवेश की।
यह सोलर प्लांट प्रतिदिन औसतन 11 हजार यूनिट बिजली और सालाना करीब 40 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। इस बिजली को मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी 3.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदती है। इससे हर महीने लगभग 10 से 11 लाख रुपये का बिल बनता है। ऋण की किस्त और अन्य खर्चों को चुकाने के बाद भी किसान को करीब 3 लाख रुपये प्रति माह की शुद्ध बचत हो रही है।
25 साल तक होगी पक्की कमाई
सुरेंद्र पाटीदार ने बताया कि बिजली कंपनी के साथ 25 वर्षों का बिजली खरीद समझौता (PPA) हुआ है। इसका मतलब है कि उन्हें आने वाले कई वर्षों तक नियमित आय मिलती रहेगी। उनका कहना है कि सोलर प्लांट किसानों के लिए कम जोखिम और अधिक आय वाला विकल्प साबित हो सकता है।
रखरखाव आसान, खेती से भी होगी अतिरिक्त आय
उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट की देखरेख ज्यादा मुश्किल नहीं है। समय-समय पर सोलर पैनलों की सफाई और नीचे उगने वाली घास हटाने का काम करना होता है, जिसे वह स्वयं भी कर लेते हैं। सोलर पैनलों के बीच बची जमीन का उपयोग खेती के लिए भी किया जा रहा है। पिछले साल उन्होंने टमाटर की खेती की थी और अब आने वाले सीजन में अदरक की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आमदनी होगी।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे हैं सोलर प्रोजेक्ट
इंदौर की SolarSure कंपनी ने इस सोलर प्लांट को स्थापित किया है। कंपनी के अनुसार, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत मध्य प्रदेश में तेजी से सोलर परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। केवल खरगोन जिले में ही एक दर्जन से अधिक सोलर प्लांट बन रहे हैं, जबकि पूरे प्रदेश में करीब 300 मेगावाट क्षमता की 130 से अधिक सोलर परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
