सोनीपत, मेरठ, भिवाड़ी और अलवर की चमकने वाली है किस्मत, जाने सरकार का नया प्लान ?

 | 
सोनीपत, मेरठ, भिवाड़ी और अलवर की चमकने वाली है किस्मत, जाने सरकार का नया प्लान ? 

Udaipur Times, Sonipat, Bhiwadi, Meerut, and Alwar four new hotspots Delhi-NCR: आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में विकास का केंद्र अब केवल नोएडा और गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहने वाला है। ड्राफ्ट NCR रीजनल प्लान 2041 के अंतर्गत अब फोकस बाहरी इलाकों यानी पेरिफेरल बेल्ट पर किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ सालों में यही इलाके रियल एस्टेट, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए केंद्र बनेंगे।

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट की माने तो, एनसीआर का पेरिफेरल बेल्ट "रिंग ऑफ अपॉर्च्युनिटी" के रूप में उभर रहा है। इसमें खासतौर पर सोनीपत, भिवाड़ी, मेरठ और अलवर जैसे शहर शामिल हैं, जो अब केवल दिल्ली पर निर्भर नहीं रहेंगे बल्कि स्वतंत्र विकास केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

8 नई टाउनशिप होगी विकसित

ड्राफ्ट प्लान के अनुसार, दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 5 से 8 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन नए आर्थिक केंद्रों में आवास, रोजगार और आधुनिक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।

दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय मात्र 30 मिनट 

सरकार मेरठ और अलवर को हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से जोड़ रही है। दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर इस योजना के प्रमुख हिस्से हैं। इसका मकसद दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को घटाकर महज 30 मिनट तक लाना है।

सोनीपत और भिवाड़ी बन रहे बड़े निवेश केंद्र

सोनीपत को पलवल-सोनीपत ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के जरिए एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं भिवाड़ी को खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना निवेश क्षेत्र के तहत बड़े औद्योगिक और निवेश हब के रूप में तैयार किया जा रहा है।

4 नई नमो सिटी भी होंगी विकसित

सरकार नमो भारत (RRTS) नेटवर्क के चुनिंदा स्टेशनों के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल पर 4 नई नमो सिटी विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन शहरों में आवास, व्यापार, रोजगार और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं एकीकृत रूप से विकसित की जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि NCR रीजनल प्लान 2041 लागू होने के बाद बाहरी इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी, नए रोजगार केंद्र और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ये क्षेत्र आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े विकास केंद्र बन सकते हैं।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News