इन 14 गांवों की बदलेगी तकदीर ! HSVP ने बनाया नया प्लान, मिलेंगे ₹11 करोड़ तक का मुआवजा

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इन 14 गांवों की बदलेगी तकदीर ! HSVP ने बनाया नया प्लान, मिलेंगे ₹11 करोड़ तक का मुआवजा

Udaipur Times, Haryana News, NCR Greater SPR Road, Gurugram: गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (Greater SPR) के निर्माण के लिए 14 गांवों की करीब 670 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम, मानेसर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

दो चरणों में होगा भूमि अधिग्रहण

परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में बहरामपुर, उल्लावास, कादरपुर, मैदावास, धुमसपुर और बादशाहपुर समेत कई गांवों की करीब 276 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अकलीमपुर, टीकली, सकतपुर, शिकोहपुर, नौरंगपुर, बार गुर्जर, मानेसर और नैनवाल सहित अन्य गांवों की लगभग 394 एकड़ जमीन ली जाएगी। कुल मिलाकर 14 गांवों की 670 एकड़ भूमि इस परियोजना के दायरे में आएगी।

किसानों को मिलेगा 11 करोड़ रुपये तक का मुआवजा

भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों और जमीन मालिकों को बड़ा मुआवजा मिलने की संभावना है। अनुमान है कि इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कुछ क्षेत्रों में मुआवजा 6.5 करोड़ से 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हो सकता है, जबकि प्रीमियम लोकेशन वाले इलाकों में यह राशि 11 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है। विशेष रूप से शिकोहपुर और आसपास के क्षेत्रों के भूमि मालिकों को सबसे अधिक मुआवजा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वर्षों से अटकी थी परियोजना

ग्रेटर SPR परियोजना कोई नई योजना नहीं है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2013 में शुरू हुई थी, लेकिन विभिन्न कानूनी विवादों और अदालतों में लंबित मामलों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। लंबे समय तक मामला न्यायालय में रहने से परियोजना ठप पड़ी रही। हाल ही में कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद HSVP ने एक बार फिर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी है। अब प्रशासन परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी कर रहा है।

गुरुग्राम की ट्रैफिक समस्या को मिलेगी राहत

गुरुग्राम लगातार तेजी से विकसित हो रहा है। नए सेक्टर, आवासीय परियोजनाएं और औद्योगिक क्षेत्र बढ़ने से सड़कों पर दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में ग्रेटर SPR को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।
इस सड़क के बनने से:

गुरुग्राम और मानेसर के बीच यात्रा आसान होगी।

कई क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।

दिल्ली-जयपुर हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

लोगों का यात्रा समय कम होगा।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेटर SPR परियोजना का सबसे बड़ा लाभ रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा। नई सड़क बनने के बाद आसपास के क्षेत्रों में जमीन और संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है। इससे नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलेगी। गुरुग्राम के कई उभरते सेक्टरों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से निवेशकों की रुचि भी बढ़ सकती है।

क्षेत्र के विकास की नई आधारशिला

ग्रेटर SPR को गुरुग्राम के भविष्य के विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह सड़क सिर्फ यातायात सुविधा ही नहीं बढ़ाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है, जिससे गुरुग्राम की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

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