900 करोड़ की लागत से यहां बनेगा पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ! भारी जाम से मिलेगी मुक्ति
Udaipur Times, Double Decker Flyover : ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए शहर का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने शाहबेरी में प्रस्तावित सिंगल एलिवेटेड रोड की जगह अब डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का फैसला किया है। यह फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एटेड़ा गोलचक्कर को शाहबेरी होते हुए गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक से जोड़ेगा। परियोजना के 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
900 करोड़ रुपये होगी परियोजना की लागत
करीब 2.5 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर की अनुमानित लागत लगभग 900 करोड़ रुपये होगी। पहले इस परियोजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, लेकिन डिजाइन में बदलाव के बाद लागत दोगुने से अधिक हो गई है। इस परियोजना का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण मिलकर उठाएंगे, जबकि इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करेगा।
क्यों बदला गया डिजाइन?
प्राधिकरण ने पहले चार लेन का सिंगल एलिवेटेड रोड बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, तकनीकी अध्ययन में सामने आया कि शाहबेरी की मौजूदा सड़क केवल 14 मीटर चौड़ी है, जबकि चार लेन के फ्लाईओवर के लिए कम से कम 15 मीटर चौड़ाई जरूरी थी। ऐसे में डबल डेकर डिजाइन को मंजूरी दी गई, जिसे 12 मीटर चौड़े कॉरिडोर में भी बनाया जा सकता है।
ऐसा होगा डबल डेकर फ्लाईओवर (Double Decker Flyover Project)
फ्लाईओवर के दो स्तर (डेक) होंगे। एक डेक पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट से क्रॉसिंग रिपब्लिक जाने वाला ट्रैफिक चलेगा, जबकि दूसरे डेक से क्रॉसिंग रिपब्लिक से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर आने वाले वाहन गुजरेंगे। यू-आकार के पिलर बनाए जाएंगे, जिससे नीचे की मौजूदा सड़क पर भी यातायात जारी रह सकेगा।
हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के बीच रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। मौजूदा समय में इस मार्ग पर पीक आवर्स के दौरान भारी जाम लगता है। नया डबल डेकर फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दिल्ली, नोएडा तथा गाजियाबाद आने-जाने वाले यात्रियों का सफर पहले से अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।
