यहां लगने जा रहा है पहला Solar Tree ! जाने कितना फायदेमंद और कैसे करेगा काम ?
Udaipur Times, First Solar Tree : दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और शहरी क्षेत्रों में जमीन की कमी से निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजधानी का पहला 'सोलर ट्री' दिल्ली सचिवालय में लगाया जाएगा।
यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर शहर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और व्यावसायिक इलाकों में भी ऐसे सोलर ट्री लगाए जाएंगे।
क्या है सोलर ट्री (Solar Tree)?
सोलर ट्री (Solar Tree) एक ऐसी आधुनिक संरचना है, जो पेड़ की तरह दिखती है। इसमें बीच में धातु का खंभा (तना) होता है और उसकी शाखाओं पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं।
यह पारंपरिक रूफटॉप या जमीन पर लगने वाले सोलर प्लांट की तुलना में बहुत कम जगह घेरता है और अधिक प्रभावी ढंग से बिजली पैदा कर सकता है।
दिल्ली सचिवालय से होगी शुरुआत
दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय हैं। सरकार का मानना है कि यहां सफल परीक्षण के बाद इस तकनीक को पूरे शहर में लागू किया जा सकता है।
सोलर ट्री की खासियत (Features of the Solar Tree)
कम जगह में अधिक सोलर पैनल लगाने की सुविधा।
कुछ मॉडल में सन ट्रैकिंग तकनीक होगी, जिससे पैनल सूरज की दिशा के अनुसार घूमकर ज्यादा बिजली बना सकेंगे।
सोलर ट्री के नीचे बैठने की व्यवस्था भी होगी, जिससे लोगों को छाया और आराम की सुविधा मिलेगी।
तैयार बिजली को बैटरी में स्टोर किया जाएगा।
किन कामों में होगा बिजली का इस्तेमाल?
सोलर ट्री (Solar Tree) से बनने वाली बिजली का उपयोग आसपास की सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाएगा। इससे मुख्य बिजली ग्रिड पर भार भी कम होगा।
इस बिजली का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्ट्रीट लाइट जलाने, सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन चलाने, अन्य स्थानीय नागरिक सुविधाओं को बिजली देने में किया जाएगा।
शहरभर में विस्तार की तैयारी
यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो दिल्ली सरकार प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन, सार्वजनिक चौक और व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सोलर ट्री लगाएगी।
सरकार का उद्देश्य कम जगह में अधिक हरित ऊर्जा उत्पादन कर राजधानी को स्वच्छ और ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
