पण्डित धरणीधर शास्त्री की अन्त्येष्टि
सुप्रसिद्घ भगवत कथावाचक एवं अन्तराष्ट्रीय पुष्टि मार्गीय वैष्णव परिषद् के निवर्तमान अध्यक्ष धरणीधर शास्त्री का अंतिम संस्कार शनिवार को अशोक नगर के मोक्ष धाम पर हुआ । इस मौके पर बडी संख्या में वैष्णवजन, एवं उदयपुर के गणमान्य लोग मौजूद थे। उनके ज्येष्ठ पुत्र हरीश ने मुखाग्नि दी।
सुप्रसिद्घ भगवत कथावाचक एवं अन्तराष्ट्रीय पुष्टि मार्गीय वैष्णव परिषद् के निवर्तमान अध्यक्ष धरणीधर शास्त्री का अंतिम संस्कार शनिवार को अशोक नगर के मोक्ष धाम पर हुआ । इस मौके पर बडी संख्या में वैष्णवजन, एवं उदयपुर के गणमान्य लोग मौजूद थे। उनके ज्येष्ठ पुत्र हरीश ने मुखाग्नि दी।
संस्कृतज्ञ शास्त्री का आरम्भिक जीवन शिक्षण सेवा से आरम्भ हुआ। उन्होंने जीवन पर्यन्त भगवत सेवा को प्राथमिकता देते हुए कथारस का प्रवाह करीब साढे छ: दशक तक संभाले रखा।
अस्थल मन्दिर के तत्कालीन महंत मुरलीमनोहर शरण शास्त्री के अभिन्न साथी रहे शास्त्री ने भक्तों के बीच एक विशिष्ट पहचान कायम की और आराधना का सन्मार्ग देकर उन्होंने धर्मावलम्बियों को प्रेरित किया।
शास्त्री के निधन पर उदयपुर सांसद रघुवीर मीणा, चित्तौडगढ सांसद डॉ.गिरिजा व्यास, डूंगरपुर, बांसवाडा के सांसद ताराचन्द भगोरा सहित वैष्णव परिषद् के पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।