सरकार का बड़ा ऐलान, अब रिटायरमेंट से चार साल पहले ही सैलेरी-पेंशन की होगी जांच

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सरकार का बड़ा ऐलान, अब रिटायरमेंट से चार साल पहले ही सैलेरी-पेंशन की होगी जांच

Udaipur Times, Salary and Pension documents : अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने हाल ही में सभी मंत्रालयों को एक आदेश जारी किया है। इसके तहत, कर्मचारियों के रिटायरमेंट से चार साल पहले उनके वेतन और पेंशन रिकॉर्ड की पूरी तरह से समीक्षा (review) करने को कहा गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई गलती हो, तो उसका समय रहते पता चल सके और उसे सुधारा जा सके।

दरअसल, कई विभागों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों को गलती से ज्यादा भुगतान (overpayment) कर दिया गया। ऐसा गलत तरीके से वेतन तय करने (pay fixation), गलत इंक्रीमेंट मिलने, या 'अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (ACP) और 'मॉडिफाइड अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन' (MACP) योजनाओं के तहत गलत गणना होने की वजह से हुआ। ऐसे मामलों में, अक्सर यह मांग की जाती थी कि कर्मचारियों से ली गई इस अतिरिक्त रकम की वसूली को माफ कर दिया जाए। भविष्य में ऐसी समस्याएं न आएं, इसलिए यह नया नियम लागू किया गया है।

'पे एंड अकाउंट्स ऑफिस'की जवाबदेही तय होगी

'पे एंड अकाउंट्स ऑफिस' (Pay and Accounts Offices) की जवाबदेही तय होगी

देश में लगभग 36.5 लाख सिविलियन केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं, और इतने ही पेंशनभोगी भी हैं। ऐसे में, एक छोटी सी गलती का भी बड़ा असर पड़ सकता है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में, पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े अन्य लाभों पर कुल सरकारी खर्च 3.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें से लगभग आधा हिस्सा रक्षा क्षेत्र (defense sector) के लिए था। अब मंत्रालयों को एक ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे इन समीक्षाओं पर लगातार नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जा सके।

सभी सरकारी विभागों में काम की सटीकता और जवाबदेही को बढ़ाना

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर कोई गलती या ज्यादा भुगतान (overpayment) पकड़ा जाता है। भले ही वेतन तय करने के आदेश (pay fixation orders) पहले ही आधिकारिक तौर पर प्रमाणित (certified) क्यों न कर दिए गए हों तो इसके लिए संबंधित 'पे एंड अकाउंट्स ऑफिस' (Pay and Accounts Office) और 'चीफ कंट्रोलर' या 'कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स' को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस नए नियम का उद्देश्य सभी सरकारी विभागों में काम की सटीकता और जवाबदेही को बढ़ाना है।

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