1 रुपये में सरकार दे रही है 40 एकड़ जमीन, नई स्कीम से निवेशकों की बल्ले-बल्ले, बस पूरी करनी होगी ये शर्तें
Udaipur Times, Bihar Sugar Policy 2026 : बिहार सरकार ने राज्य के चीनी उद्योग को नई रफ्तार देने के लिए 'गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026' लागू की है। इस नई नीति के तहत चीनी मिल लगाने वाले निवेशकों को महज 1 रुपये की सांकेतिक लीज पर 30 साल के लिए 40 एकड़ तक सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
नई चीनी मिलों को मिलेंगी कई बड़ी सुविधाएं
नई नीति के तहत चीनी मिल परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदने वाले निवेशकों को रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी का 100 फीसदी रिफंड मिलेगा। इसके अलावा, चीनी उत्पादन पर लगातार पांच वर्षों तक राज्य जीएसटी (SGST) की पूरी प्रतिपूर्ति भी की जाएगी।
100 करोड़ रुपये तक की मिलेगी वित्तीय सहायता
सरकार ने नई चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया है।
5,000 टीसीडी (टन गन्ना प्रतिदिन) क्षमता वाली नई चीनी मिल को 100 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी।
3,500 टीसीडी क्षमता वाली मिल को 70 करोड़ रुपये तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।
पहले से संचालित चीनी मिलें भी विस्तार परियोजनाओं के लिए इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।
एथेनॉल और CBG परियोजनाओं को भी मिलेगा फायदा
यह प्रोत्साहन पैकेज केवल चीनी मिलों तक सीमित नहीं है। इसके तहत डिस्टिलरी, एथेनॉल उत्पादन इकाइयों, बिजली उत्पादन परियोजनाओं और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे गन्ना आधारित उद्योगों का समग्र विकास होगा।
विकसित होगा 'मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स'
नई नीति में मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को भी शामिल किया गया है। इसके तहत एक ही परिसर में चीनी उत्पादन, एथेनॉल निर्माण, बिजली उत्पादन और CBG उत्पादन जैसी गतिविधियां संचालित होंगी। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उद्योग अधिक टिकाऊ तथा लाभदायक बन सकेगा।
सात निश्चय-3 के तहत 25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य
यह पहल बिहार सरकार के 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करना और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना करना है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
