गोबर गैस प्लांट लगाने पर सरकार दे रही पैसा ! अब सिलेंडर की नहीं पड़ेगी जरूरत फ्री बनेगा खाना

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गोबर गैस प्लांट लगाने पर सरकार दे रही पैसा ! अब सिलेंडर की नहीं पड़ेगी जरूरत फ्री बनेगा खाना 

Udaipur Times, Biogas Plant : ग्रामीण इलाकों में अब खाना पकाने के लिए सिर्फ लकड़ी, उपले या एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। किसान तेजी से बायोगैस प्लांट (Biogas plant) की ओर रुख कर रहे हैं। इससे रसोई के लिए मुफ्त गैस मिलती है, एलपीजी का खर्च घटता है और खेतों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद भी तैयार होती है। यही वजह है कि यह तकनीक किसानों के लिए आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

क्या है बायोगैस प्लांट (Biogas plant) और कैसे करता है काम?

बायोगैस प्लांट (Biogas plant) में गाय-भैंस के गोबर और पानी का मिश्रण डाला जाता है। प्लांट के अंदर ऑक्सीजन रहित वातावरण में यह मिश्रण सड़ता है और इससे मीथेन गैस बनती है। इसी गैस का इस्तेमाल खाना पकाने के लिए किया जाता है। वहीं, प्लांट से निकलने वाली स्लरी खेतों के लिए बेहतरीन जैविक खाद का काम करती है।

3-4 गाय या भैंस होने चाहिए?

अगर परिवार में 3 से 4 सदस्य हैं, तो 2 से 3 घन मीटर क्षमता का बायोगैस प्लांट  (Biogas plant) पर्याप्त माना जाता है। इसके लिए कम से कम 3 से 4 गाय या भैंस होनी चाहिए, ताकि रोजाना लगभग 35 से 50 किलो गोबर उपलब्ध हो सके।

प्लांट लगाने के लिए क्या चाहिए?

बायोगैस प्लांट (Biogas plant)  लगाने के लिए घर या खेत के पास खुली जगह होनी चाहिए। साथ ही पानी की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है, क्योंकि गोबर को बराबर मात्रा में पानी मिलाकर प्लांट में डाला जाता है। बिना पानी के गोबर अच्छी तरह मिश्रित नहीं हो पाएगा और गैस उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

रेडीमेड प्लांट भी हैं उपलब्ध

अब बाजार में प्लास्टिक के रेडीमेड बायोगैस प्लांट  भी उपलब्ध हैं। इन्हें लगाने के लिए जमीन खोदने की जरूरत नहीं पड़ती और इनकी इंस्टॉलेशन भी जल्दी हो जाती है। इसलिए कई किसान अब इस विकल्प को भी अपना रहे हैं।

सरकारी सब्सिडी कैसे मिलेगी?

बायोगैस प्लांट (Biogas plant)  सरकारी योजना के तहत सब्सिडी पर भी लगवाया जा सकता है। इसके लिए किसान अपने जिले के कृषि भवन, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) या खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। संबंधित विभाग आवेदन की जांच और स्थल निरीक्षण के बाद प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी कराता है।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

आवेदन के समय आमतौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत होती है—

जमीन से संबंधित दस्तावेज

आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र

बैंक पासबुक

पशु होने का प्रमाण

कितना आएगा खर्च?

सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद प्लांट के आकार के अनुसार लाभार्थी को लगभग 10,000 से 15,000 रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है।

किसान ने बताया कितना हुआ फायदा

बहराइच के भटपुरवा गांव के किसान जियाउल हक के मुताबिक, बायोगैस प्लांट  (Biogas plant) लगवाने से पहले हर महीने एक से दो एलपीजी सिलेंडर खर्च होते थे, जिससे करीब 1,000 से 2,000 रुपये का खर्च आता था। अब 3 से 4 पशुओं के गोबर से पूरे दिन का खाना बन जाता है और गैस पर होने वाला खर्च लगभग खत्म हो गया है।

उन्होंने बताया कि बारिश और कड़ाके की सर्दी में गैस उत्पादन थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन बाकी समय प्लांट अच्छी तरह काम करता है। साथ ही इससे निकलने वाली गैस अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है और खेतों के लिए मुफ्त जैविक खाद भी मिलती है।

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