सरकार यहां बसाने जा रही 3 नए शहर, 3500 करोड़ के प्रोजेक्ट से युवाओं को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, UP Built 3 New City : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के अंतर्गत आगरा, बरेली और प्रयागराज में पूरी तरह से योजनाबद्ध और आधुनिक सुविधाओं से लैस नई शहरों का विकास किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य मौजूदा महानगरों पर बढ़ते दबाव को कम करना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार स्मार्ट शहरी ढांचा तैयार करना है।
सरकार का ऐसा मानना है कि केवल पुराने शहरों का विस्तार अब पर्याप्त नहीं है। इसलिए पूरी तरह से नई और व्यवस्थित शहर बसाने की योजना बनाई गई है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर यातायात व्यवस्था और सुनियोजित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
बड़े शहरों पर दवाब कम करने की रणनीति
सरकार का ऐसा मानना है कि केवल पुराने शहरों का विस्तार अब पर्याप्त नहीं है। इसलिए पूरी तरह से नई और व्यवस्थित शहर बसाने की योजना बनाई गई है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर यातायात व्यवस्था और सुनियोजित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
आगरा, बरेली और प्रयागराज का होगा विस्तार
आगरा को इस योजना में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि यह पहले से ही विश्व स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है। ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल के कारण यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। नई योजना के तहत आगरा में ऐसा शहरी ढांचा विकसित किया जाएगा जिसमें पर्यटन को ध्यान में रखकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुनियोजित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र, बेहतर ट्रैफिक और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और होटल, सेवाओं और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर होंगे। इससे शहर में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
बरेली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक उभरते हुए व्यापारिक हब के रूप में देखा जा रहा है। यहां प्रस्तावित नई सिटी योजना के तहत औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अलग जोन, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए नए अवसर, आवासीय कॉलोनियों का सुनियोजित विकास और रोजगार सृजन के लिए नए निवेश क्षेत्र है। बरेली की भौगोलिक स्थिति इसे दिल्ली और अन्य बड़े बाजारों से जोड़ती है, जिससे यहां निवेश आकर्षित होने की संभावना और बढ़ जाती है।
प्रयागराज को इस योजना में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि यह शिक्षा, प्रशासन और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। खासकर महाकुंभ 2025 के बाद शहर की पहचान और भी मजबूत हुई है। नई योजना के तहत यहां बड़े स्तर पर शहरी विस्तार और नए आवासीय क्षेत्र, शिक्षा और प्रशासनिक संस्थानों के लिए आधुनिक सुविधाएं, धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, गंगा किनारे योजनाबद्ध विकास और पर्यावरण संरक्षण हैं। इससे प्रयागराज को एक संतुलित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तार योजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा
इस पूरी पहल को “मुख्यमंत्री शहरी विस्तार और नई सिटी प्रोत्साहन योजना” के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत सरकार भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक विकास लागत का लगभग 50% तक वहन करती है, जिससे स्थानीय विकास प्राधिकरणों को बड़ी परियोजनाएं शुरू करने में आसानी होती है। यह सहयोग 20 सालों तक जारी रह सकता है।
3500 करोड़ का बजट
वित्त वर्ष 2026–27 में इस परियोजना के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अब तक 355 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता और 225 करोड़ रुपये का वितरण हो चुका है, जिसका उपयोग भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक आधारभूत संरचना विकसित करने में किया जा रहा है।
नई सिटी में क्या सुविधाएं होंगी?
इन नए शहरों में आधुनिक शहरी सुविधाएं जैसे कि चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें, योजनाबद्ध आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र, पार्क और हरित क्षेत्र, बेहतर जल, बिजली और परिवहन व्यवस्था और एक्सप्रेसवे से मजबूत कनेक्टिविटी विकसित की जायेगी।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
इन नए शहरों के विकास से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। साथ ही उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
