सरकार ला रही है नया कानून ! अब घर-फ्लैट-प्लॉट और जमीन के लिए बनेगा DUPIC कार्ड, जाने क्या होगा फायदा?

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सरकार ला रही है नया कानून ! अब घर-फ्लैट-प्लॉट और जमीन के लिए बनेगा DUPIC कार्ड, जाने क्या होगा फायदा?

Udaipur Times, Delhi Urban Property Identity Card : दिल्ली में प्रॉपर्टी विवाद खत्म करने और संपत्ति रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। नए प्रस्तावित कानून के तहत राजधानी के हर घर, फ्लैट और प्लॉट को दिल्ली अर्बन प्रॉपर्टी आइडेंटिटी कार्ड (DUPIC) जारी किया जाएगा। यह कार्ड आधार कार्ड की तरह हर संपत्ति की एक अलग और यूनिक पहचान बनेगा।

DUPIC कार्ड पर एक QR कोड होगा। इसे स्कैन करते ही संबंधित प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें मालिक का नाम, बिजली और पानी का कनेक्शन, हाउस टैक्स समेत अन्य जरूरी रिकॉर्ड शामिल होंगे। यह जानकारी राजस्व विभाग के जरिए DDA, नगर निगम, NDMC, बिजली-पानी विभाग, बैंक और अदालतों सहित सभी संबंधित विभागों के साथ साझा की जाएगी।

हर प्रॉपर्टी का होगा पूरा रिकॉर्ड

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में लाखों ऐसी संपत्तियां हैं जिनका पूरा सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। नए कानून के लागू होने के बाद जैसे ही किसी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन होगा, उसकी जानकारी स्वतः संबंधित सभी विभागों तक पहुंच जाएगी। इससे रिकॉर्ड अपडेट रखने के साथ-साथ फर्जीवाड़े और प्रॉपर्टी विवादों पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

बिजली-पानी के बिल में नाम बदलने की झंझट होगी खत्म

नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों को बिजली, पानी और अन्य सरकारी सेवाओं के बिलों में नाम बदलवाने के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जैसे ही किसी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन होगा, उसकी नई स्वामित्व संबंधी जानकारी राजस्व विभाग से ऑनलाइन सभी संबंधित एजेंसियों तक पहुंच जाएगी। इसके बाद बिजली, पानी, हाउस टैक्स समेत अन्य रिकॉर्ड स्वतः अपडेट हो जाएंगे। 

इससे लोगों का समय बचेगा, कागजी प्रक्रिया कम होगी और नामांतरण की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत बहुमंजिला इमारतों के हर फ्लोर को अलग पहचान दी जाएगी। ताकि हर मंजिल की अलग पहचान हो सके। इससे किसी भी फ्लैट या मंजिल की पहचान करना आसान होगा।

जमीन के उपयोग में बदलाव की मिलेगी तुरंत जानकारी

यदि किसी संपत्ति के भूमि उपयोग (Land Use) में बदलाव किया जाता है, तो उसकी जानकारी तुरंत राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट होगी। इसके बाद यह सूचना बिजली विभाग, जल बोर्ड, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों तक पहुंच जाएगी। इससे टैक्स और अन्य शुल्क नए भूमि उपयोग के आधार पर तय किए जा सकेंगे और रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहेगा।

36 महीने में पूरा होगा सर्वे

नया कानून लागू होने के बाद दिल्ली सरकार राजधानी में व्यापक प्रॉपर्टी सर्वे शुरू करेगी। इस सर्वे को पूरा होने में करीब 36 महीने लग सकते हैं। सर्वे पूरा होने के बाद हर घर, फ्लैट और प्लॉट के मालिक को DUPIC कार्ड जारी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से संपत्ति रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल होंगे, सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में बड़ी कमी आएगी।

इसके प्रमुख फायदे

हर संपत्ति को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान।

क्यूआर कोड से प्रॉपर्टी की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।

बिजली, पानी और हाउस टैक्स का रिकॉर्ड एकीकृत होगा।

मालिक बदलते ही संबंधित विभागों का रिकॉर्ड स्वतः अपडेट होगा।

भूमि उपयोग बदलने पर विभागों को तुरंत सूचना मिलेगी।

प्रॉपर्टी विवाद कम होने और रिकॉर्ड पारदर्शी बनने की उम्मीद।

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