दादा थे पुलिस जमादार, पोती बनी IPS अफसर; जाने दूसरे प्रयास में UPSC क्रैक करने वाली प्रियंका की कहानी

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दादा थे पुलिस जमादार, पोती बनी IPS अफसर; जाने दूसरे प्रयास में UPSC क्रैक करने वाली प्रियंका की कहानी 

Udaipur Times, IPS Priyanka Mohite Success Story : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कुछ ही उम्मीदवार सफलता हासिल कर पाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IPS अधिकारी प्रियंका मोहिते की, जिन्होंने पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी और महज 23 साल की उम्र में दूसरे प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई।

दादा से मिली पुलिस सेवा की प्रेरणा

प्रियंका मोहिते का पैतृक गांव महाराष्ट्र के मालेगांव का पोहाणे है। उनके दादा पुलिस विभाग में जमादार थे। बचपन से ही दादा की ड्यूटी और पुलिस सेवा से जुड़ी कहानियां सुनते-सुनते उनके मन में पुलिस अधिकारी बनने का सपना जागा। इसी प्रेरणा ने उन्हें UPSC की तैयारी की ओर अग्रसर किया।

दादा थे पुलिस जमादार, पोती बनी IPS अफसर

शिक्षक परिवार से हैं प्रियंका

प्रियंका के पिता सुरेश मोहिते एक स्कूल शिक्षक हैं। उनकी बड़ी बहन एमबीबीएस करने के बाद मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनके भाई ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वह भी UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

नवोदय विद्यालय से की स्कूली पढ़ाई

प्रियंका ने कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई स्वामी मुक्तानंद स्कूल से की। इसके बाद प्रवेश परीक्षा के जरिए उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, खेडगांव में हुआ, जहां उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई पूरी की। 12वीं में उन्होंने विज्ञान विषय से शिक्षा हासिल की।

पुणे विश्वविद्यालय से किया बीए और एमए

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रियंका ने UPSC की तैयारी को ध्यान में रखते हुए पुणे का रुख किया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीए और एमए की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा भी पास की और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) भी प्राप्त की।

दादा थे पुलिस जमादार, पोती बनी IPS अफसर

पहली असफलता से सीखा सबक

प्रियंका ने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा दी, लेकिन पर्याप्त तैयारी न होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने अपनी कमियों का विश्लेषण किया, तैयारी की रणनीति बदली और पूरे समर्पण के साथ दोबारा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

दूसरे प्रयास में बनीं IPS अधिकारी

कड़ी मेहनत और बेहतर रणनीति का परिणाम दूसरे प्रयास में मिला। प्रियंका ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 595वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुईं। वर्तमान में वह महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

संघर्ष से सफलता तक का सफर बना प्रेरणा

प्रियंका मोहिते की कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सही सीख और दृढ़ संकल्प के साथ वही सफलता की पहली सीढ़ी बन सकती है। उनका सफर आज UPSC की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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