हरियाणा सरकार ने 13 साल बाद बदले नियम, जाने अब किसे मिलेगी प्रॉपर्टी टैक्स में छूट ?
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के प्रापर्टी टैक्स से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्रों में लोगों को अब उनके प्लाट के एरिया, कवर किए गए रकबे, वहां के कलेक्टर रेट और बनाई गई मंजिल के हिसाब से प्रापर्टी टैक्स चुकाना होगा। महिलाओं के नाम पंजीकृत मकान-प्लाटों पर एक चौथाई संपत्ति कर माफ किया जाएगा। इसी तरह नगरपालिकाओं की सीमा में स्थित गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित मकानों को कर में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने 13 साल बाद प्रापर्टी टैक्स के नियमों में बदलाव किया है। नगर निगमों तथा नगर परिषद और पालिकाओं में टैक्स की गणना अलग-अलग आधार पर होगी, जिसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में वर्ष 2013 से लागू प्रापर्टी टैक्स प्रणाली समाप्त हो गई है। नई व्यवस्था में प्रापर्टी टैक्स का निर्धारण तय फार्मूले के आधार पर होगा। प्लाट का रकबा, इलाके के डीसी रेट और इमारत की मंजिल के साथ ही उसका उपयोग भी टैक्स निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और अन्य श्रेणियों के लिए अलग-अलग उपयोग गुणांक निर्धारित किए गए हैं, ताकि जिस प्रकार का उपयोग होगा, उसी अनुपात में टैक्स तय हो।
सरकार ने राज्य के शहरी निकायों को चार श्रेणियों ए-1, ए-2, बी और सी में बांटा है। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम और अधिकतम टैक्स दरें निर्धारित की गई हैं, जबकि स्थानीय निकाय अपनी आवश्यकता के अनुसार इन्हीं सीमाओं के भीतर दरें तय कर सकेंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों पर एक साथ अधिक टैक्स का बोझ न पड़े, इसके लिए अलग से प्रविधान किया गया है। यदि किसी संपत्ति पर नए फार्मूले से टैक्स अधिक बनता है तो उसकी वसूली चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। यानी संपत्ति मालिकों पर एकमुश्त अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
नई नीति में कई श्रेणियों की संपत्तियों को प्रापर्टी टैक्स में पूरी छूट दी गई है। इनमें मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिद, चर्च, किराये पर न दी गई नगर निकायों की संपत्तियां, अनाथालय, धर्मशालाएं, श्मशान एवं कब्रिस्तान, सरकारी स्कूल और अस्पताल, कृषि कार्य में प्रयुक्त भूमि, गोशालाएं (व्यावसायिक उपयोग वाले हिस्से को छोड़कर) शामिल हैं। इसके अलावा 250 वर्गमीटर तक के स्व-आवासीय मकान जिनमें सैनिक, पूर्व सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों के जवान या शहीदों के परिवार रहते हैं, स्वतंत्रता सेनानियों एवं युद्ध विधवाओं के मकान, विशेष जरूरत वाले बच्चों के स्कूल, धर्मार्थ अस्पताल तथा नगर सीमा में शामिल नए गांवों के लाल डोरा क्षेत्र के आवासीय मकान (तीन मंजिल तक) को प्रापर्टी टैक्स में छूट दी जाएगी।
नगरपालिकाओं की सीमा में आते गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित मकानों को कर में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी।
2013 से लागू व्यवस्था समाप्त की गई
एक माह तक पुराने नियमों के अनुसार टैक्स चुकाने का विकल्प
नई अधिसूचना जारी होने के बावजूद एक महीने तक संपत्ति मालिकों को वर्ष 2013 की पुरानी व्यवस्था के तहत टैक्स जमा कराने का विकल्प दिया है। जिन लोगों ने पहले ही वित्त वर्ष 2026-27 तक का टैक्स जमा कर दिया है, उन पर नई व्यवस्था का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा। वित्त वर्ष 2025-26 और उससे पहले के बकाया कर एवं ब्याज पर भी नई नीति का कोई असर नहीं होगा।
इन्हें दी गई अतिरिक्त राहत
समय पर टैक्स जमा कराने वाले लोगों को 30 अप्रैल तक चालू वर्ष का टैक्स और बकाया जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। लगातार तीन साल समय पर टैक्स नहीं भरने वालों को अतिरिक्त पांच प्रतिशत की राहत मिलेगी। 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांग लोगों को 10 प्रतिशत की छूट होगी। शून्य अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू कर चुकी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों या प्रापर्टी कलस्टरों को 10 प्रतिशत की रियायत मिलेगी।
