Udaipur Times, Haryana News, चण्डीगढ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बिजली निगमों की बैठक की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सरकार का दायित्व है। इसके लिए अधिकारी बिजली कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं को 24 घण्टे बिजली सुलभ करवाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री सोमवार को चण्डीगढ में सभी बिजली निगमों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल भी मौजूद रहे।
उद्योगों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना करें सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम मिलेनियम सिटी है, इसमें ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के आरडब्लूए उपभोक्ताओं को मंहगे रेट पर बिजली सप्लाई करने की शिकायत मिल रही है। निगम के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ बैठक आयोजित कर नॉर्म तय करें और उपभोक्ताओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर 57 के 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, सेक्टर 38 के पावर हाउस की चारदिवारी बनाने, घरौंडा व नांगल चौधरी सब स्टेशन में कंट्रोल रूम बनाने, मलिकपुर, मानेसर सब स्टेशन की चारदिवारी बनाने के कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद औद्योगिक नगरी है, इसलिए उद्योगों में भी निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई सुलभ करवाना सुनिश्चित करें जिससे उद्योगों का कार्य सुचारू ढंग से चलता रहे। उन्होंने कहा कि बिजली के गलत बिल आने की समस्याओं का निवारण करने के लिए कोई बेहतर पोलिसी तैयार की जाए ताकि उनका उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उपभोक्ताओं की शिकायतों की हेल्पलाईन नम्बर के माध्यम से सुनवाई की जाए तथा उस पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए।
जॉब सिक्योरिटी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं सप्ताह में पूरी करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए उन्हें 500 रुपए मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा की। उन्होंने युवाओं की जॉब सिक्योरिटी के लिए सभी एचओडी को आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से बिजली निगमों के हजारों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे बिजली लाईन डालते समय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पोल सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण में कोई दिक्कत न आए। सड़कों के विस्तारीकरण के समय नजदीक लगे पोल व लाईन हटाने में दिक्कतें पेश आती हैं। इसलिए लाईन बिछाने के लिए सही योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि नवीनतम जीआईएस तकनीक का लाभ उठाते हुए बिजली घरों में कार्य किया जाए। इसके अलावा निगमों में एक एडवांस ट्रांसफार्मर की उपलब्धता का भी प्रावधान किया जाए।
किसानों के खेत की मेढ पर सोलर पैनल लगाए जाने की बनाई जाए योजना
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किसानों के खेत की मेढ पर सोलर पैनल लगाए जाने की योजना बनाई जाए ताकि किसानों की आमदनी का साधन बन सके ओर प्रदेश बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि कम लाईन लोस और 100 प्रतिशत बिजली बिल भरने वाले हर जिले के एक गांव को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयन कर स्मार्ट बनाया जाए। इसके अलावा महानगरों में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक सोलर एनर्जी का उत्पादन किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित बनाई जाए योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित ऐसी योजना बनाई जाए जिसमें उन्हें 350 यूनिट बिजली पावर प्लांट से उत्पादित होकर आसानी से मिलती रहे ताकि उनके घर के बिजली बिल शून्य हो सके। इसमें हर उपभोक्ता के घर पर कम से कम 2 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जा जाए और उसे 78000 रुपए की सब्सिडी का भी पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसमें 22000 रुपए की अतिरिक्त राशि सरकार की ओर से दी जाएगी।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि बस स्टेण्ड, स्कूल, मेडिकल संस्थान, शैक्षणिक संस्थानों, मिनी सचिवालयों आदि सरकारी भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाए जाएगें। मुख्यमंत्री ने इन पावर प्लांट को जल्द से जल्द लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बनाए जाने वाले 248 नए स्कूल भवनों पर सोलर प्लांट लगाएं जाए। इसके साथ ही सभी स्कूलों में सोलर पावर प्लांट लगाए जाने सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यमुनानगर में 800 मेगावाट का पावर प्लांट, झज्जर तथा पानीपत में भी अतिरिक्त पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा हिसार के खेदड़ में एक ओर युनिट लगाई जाएगी। हिसार में कार्य आरम्भ कर दिया गया है तथा पानीपत में भी जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानीपत के गांव आसन कलां में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीच्यूट टेस्टिंग लेब बनाई जाएगी।
बैठक में बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत 2 लाख 22 हजार स्मार्ट मीटर मार्च 2027 तक लगाए जाएगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत गरीब परिवारों के घर पर सोलर प्लांट लगाने वाला हरियाणा का यह देशभर में पहला मॉडल है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों से कोई राशि भी नहीं ली जाएगी।
म्हारा गांव जगमग गांव योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि प्रदेश में 6105 गांवों में निर्बाध रूप से 24 घण्टे बिजली सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा अन्य गांवों को इस योजना में शामिल करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार प्रेदश को पूर्ण रूप से बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है तथा उपभोक्ताओं को पूरा लाभ मिल रहा है।
बैठक में बिजली विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, एमडी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम डॉ. आदित्य दहिया, एमडी बिजली निगम श्री विक्रम सहित सभी बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।