हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला ! ग्राम पंचायतों में कब्जा हटाने के लिए अब नहीं पड़ेगी लंबी प्रक्रिया की जरूरत

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हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला ! ग्राम पंचायतों में कब्जा हटाने के लिए अब नहीं पड़ेगी लंबी प्रक्रिया की जरूरत 

Udaipur Times, New Delhi, Gram Panchayats: हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ग्राम पंचायत की ज़मीन से कब्ज़ा हटाने के मामले में एक अहम फ़ैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ़ किया कि रेवेन्यू कोड की धारा 67 के तहत जारी बेदखली के आदेश को लागू करने के लिए किसी लंबी और मुश्किल प्रक्रिया को अपनाने की ज़रूरत नहीं है। धारा 67 के तहत कब्ज़ा हटाने की कार्यवाही संक्षिप्त (summary) होती है।

जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने पूजा देवी की जनहित याचिका (PIL) पर यह फ़ैसला सुनाया। अपने आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा कि धारा 67(3) के तहत कब्ज़ा करने वाले को हटाने के लिए ज़रूरी बल का इस्तेमाल किया जा सकता है, और तय मुआवज़े को ज़मीन के लगान (land revenue) के बक़ाया के तौर पर वसूला जा सकता है।

सरकार को रेवेन्यू कोड को नियमों के अनुरूप बनाने पर विचार करना चाहिए

हाई कोर्ट ने कहा कि 2006 का रेवेन्यू कोड और उसके तहत बने नियम पहले से ही कब्ज़ा हटाने और आदेश का पालन कराने की प्रक्रिया बताते हैं। इसलिए, धारा 67 के तहत जारी आदेश को लागू करने के लिए 'कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर' की विस्तृत और लंबी प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकती।

वसूली के लिए पर्याप्त कानूनी व्यवस्था मौजूद 

कोर्ट ने खास तौर पर कहा कि कब्ज़ा हटाने और मुआवज़े की वसूली के लिए धारा 67(3) और अध्याय 12 के तहत पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसलिए, धारा 67 के आदेश को लागू करने की कार्यवाही को बेवजह मुश्किल या लंबा नहीं बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह रेवेन्यू कोर्ट मैनुअल के पैरा 460 की समीक्षा करे और इसे मौजूदा रेवेन्यू कोड और नियमों के अनुरूप बनाने पर विचार करे।

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