कानपुर से लखनऊ और अयोध्या का सफर होगा बिल्कुल आसान ! नमो भारत रैपिड रेल परियोजना की तैयारियां हुई पूरी

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कानपुर से लखनऊ और अयोध्या का सफर होगा बिल्कुल आसान ! नमो भारत रैपिड रेल परियोजना की तैयारियां हुई पूरी  

Udaipur Times, Kanpur-Lucknow-Ayodhya Namo Bharat : उत्तर प्रदेश में रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली नमो भारत रैपिड रेल परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कानपुर-लखनऊ-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर को दो चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में कानपुर से लखनऊ के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में इसे लखनऊ से अयोध्या धाम तक विस्तार देने की योजना है। 

कानपुर-लखनऊ रूट के लिए सर्वे का काम तेज कर दिया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ आगे अयोध्या तक पहुंच आसान बनाना है।

कानपुर-लखनऊ नमो भारत कॉरिडोर पर 67 से 72 लम्बे रूट की तैयारी 

पहले चरण में कानपुर से लखनऊ के बीच करीब 67 से 72 किलोमीटर लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसका रूट कानपुर के नयागंज से शुरू होकर गंगा बैराज, मगरवारा, उन्नाव, अजगैन, जैतीपुर, बंथरा, नवाबगंज और अमौसी होते हुए लखनऊ एयरपोर्ट तक पहुंचने का प्रस्ताव है।

इस कॉरिडोर को कानपुर और लखनऊ के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है। इससे नमो भारत से आने वाले यात्रियों को आगे शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए मेट्रो की सुविधा मिल सकेगी।

उन्नाव और बाराबंकी को भी मिलेगा फायदा

प्रस्तावित रूट सिर्फ कानपुर और लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा। इसके बीच उन्नाव के कई इलाके भी सीधे कनेक्ट होंगे। वहीं लखनऊ से अयोध्या की ओर विस्तार होने पर बाराबंकी के प्रमुख क्षेत्रों को भी इस तेज परिवहन नेटवर्क से जोड़े जाने की योजना है। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में नमो भारत कॉरिडोर की अहम भूमिका मानी जा रही है।

लखनऊ से अयोध्या तक भी पहुंचेगी नमो भारत

दूसरे चरण में नमो भारत कॉरिडोर को लखनऊ के अमौसी से अयोध्या धाम तक ले जाने की योजना है। प्रस्तावित रूट अमौसी से आगे सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बड़ेल, सफदरगंज और भिटरिया होते हुए अयोध्या धाम तक पहुंच सकता है।लखनऊ से अयोध्या के बीच प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई करीब 120 से 127 किलोमीटर बताई जा रही है। इस विस्तार के पूरा होने के बाद कानपुर से अयोध्या तक सीधी और तेज रीजनल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

कानपुर से अयोध्या का सफर डेढ़ घंटे में?

प्रस्तावित कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यात्रा के समय में कमी के रूप में सामने आ सकता है। योजना के मुताबिक, कानपुर से अयोध्या तक का सफर मौजूदा समय की तुलना में काफी कम हो सकता है और इसे करीब डेढ़ घंटे में पूरा करने का लक्ष्य बताया जा रहा है।प्रस्तावित पूरे नेटवर्क पर करीब 12 स्टेशन बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम स्टेशन और रूट का निर्धारण डीपीआर और विस्तृत सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा।

शुक्लागंज में भी चल रहा सर्वे

कानपुर-लखनऊ नमो भारत कॉरिडोर को लेकर शुक्लागंज और गंगा पुल के आसपास सर्वेक्षण का काम भी चल रहा है। परियोजना के शुरुआती अलाइनमेंट को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।सर्वे के साथ ही डीपीआर और अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस काम में संबंधित विकास प्राधिकरणों और NCRTC की टीम की भूमिका है।

करीब 32 हजार करोड़ रुपये की लागत

कानपुर-लखनऊ नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 32 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना के आकार और अंतिम अलाइनमेंट के आधार पर लागत में बदलाव संभव है। कॉरिडोर के तैयार होने के बाद कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को तेज परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और कारोबार को भी मिल सकती है रफ्तार

नमो भारत कॉरिडोर का असर सिर्फ यातायात तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास आईटी हब, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जोन के साथ हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित होने की संभावना है। तेज कनेक्टिविटी के कारण स्टेशन के आसपास के इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे उन्नाव, बाराबंकी और लखनऊ के बाहरी क्षेत्रों में रियल एस्टेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नमो भारत

प्रस्तावित नमो भारत ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रेन में आरामदायक सीटों के साथ वाई-फाई, चार्जिंग और आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिए आधुनिक सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे खराब मौसम, कोहरे और बारिश के दौरान भी संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

कानपुर-अयोध्या कनेक्टिविटी बदल सकती है तस्वीर

कानपुर से लखनऊ और आगे अयोध्या तक नमो भारत कॉरिडोर बनने से प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण शहरों के बीच तेज परिवहन नेटवर्क तैयार होगा। इससे यात्रा का समय घटने के साथ पर्यटन, रोजगार, कारोबार और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना सर्वे और डीपीआर तैयार करने के चरण में है। अंतिम रूट, स्टेशन और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी परियोजना की रिपोर्ट और आगे की मंजूरी के बाद स्पष्ट होगी।

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