रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर होगा एकदम आसान ! 465 KM लंबा सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे कई राज्यों की बढ़ाएगा रफ्तार

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रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर होगा एकदम आसान ! 465 KM लंबा सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे कई राज्यों की बढ़ाएगा रफ्तार 

Udaipur Times, New Delhi, रायपुर: रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर आने वाले समय में काफी आसान और तेज होने वाला है। रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा (एनएच-130सीडी) का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया गया है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह करीब 465 KM लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। 

करीब 16,482 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद मध्य भारत और पूर्वी समुद्री तट के बीच सीधा संपर्क बेहतर होगा। इससे रायपुर के साथ विजयनगरम, नबरंगपुर और कोरापुट जैसे क्षेत्रों तक तेज सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर होगा 5 से 6 घंटे

फिलहाल रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच सड़क मार्ग से करीब 597 KM की दूरी तय करनी पड़ती है। दो-लेन वाले पुराने मार्ग पर यातायात और कम गति के कारण इस सफर में करीब 12 से 14 घंटे लग जाते हैं। नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच दूरी करीब 132 KM कम होकर 465 KM रह जाएगी। 

6-लेन एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार 100 से 120 KM प्रति घंटे तक होने की उम्मीद है। इससे रायपुर से विशाखापट्टनम पोर्ट तक का सफर करीब 5 से 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

तीन राज्यों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

इस एक्सप्रेसवे से छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।

छत्तीसगढ़: रायपुर से अभनपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

ओडिशा: एक्सप्रेसवे नबरंगपुर और कोरापुट होते हुए आगे बढ़ेगा।

आंध्र प्रदेश: यह विजयनगरम, अराकू घाटी और सबावरम होते हुए विशाखापट्टनम से जुड़ेगा।

इससे इन क्षेत्रों में यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए तेज सड़क संपर्क विकसित होने की उम्मीद है।

दिल्ली और आगरा तक भी जुड़ेगी रायपुर कनेक्टिविटी

रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का फायदा केवल दोनों शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। यह राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क से जुड़कर देश के उत्तर और मध्य हिस्सों के प्रमुख शहरों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

प्रस्तावित नेटवर्क में एनएच-30, एनएच-34, एनएच-539 और एनएच-44 जैसे मार्गों के साथ यमुना एक्सप्रेसवे तथा ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव शामिल है। इससे रायपुर और विशाखापट्टनम की सड़क कनेक्टिविटी दिल्ली, आगरा और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों तक बेहतर हो सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में यह गलियारा कोलकाता-कन्याकुमारी कॉरिडोर से भी जुड़ने वाला है। इससे पूर्वी और दक्षिणी भारत के बीच व्यापारिक आवाजाही को भी गति मिलने की उम्मीद है।

95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा

रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का निर्माण 19 पैकेज में किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परियोजना का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ओडिशा के कोरापुट खंड में 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा होने की बात कही गई है, जबकि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के हिस्सों में अंतिम चरण के काम और इंटरचेंज निर्माण जारी हैं।

2.79 किमी लंबी जुड़वां सुरंग से बढ़ेगी कनेक्टिविटी 

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के पास उदंती वन्यजीव अभयारण्य और पहाड़ी क्षेत्र में करीब 2.79 KM लंबी जुड़वां सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। एक सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी सुरंग पर भी काम जारी है। इस सुरंग परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। एक्सप्रेसवे और सुरंगों के तैयार होने के बाद रायपुर से विशाखापट्टनम तक यात्रा का समय कम होने के साथ मध्य भारत और दक्षिण भारत के बीच माल एवं यात्री परिवहन को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

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