हरियाणा के 18 गांवों की जमीन उगलेगी सोना ! 9 हजार एकड़ में यहां बनेगा नया मेगा इंडस्ट्रियल हब

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हरियाणा के 18 गांवों की जमीन उगलेगी सोना ! 9 हजार एकड़ में यहां बनेगा नया मेगा इंडस्ट्रियल हब

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा सरकार राज्य को उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार फरीदाबाद और पलवल के बीच करीब 9,000 एकड़ क्षेत्र में एक विशाल इंडस्ट्रियल हब विकसित करने जा रही है। यह परियोजना सिर्फ औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें आवासीय, व्यावसायिक, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक शहरी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलने, बड़े निवेश आने और एनसीआर के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना को फरीदाबाद मास्टर प्लान-2031 (Master Plan-2031) के तहत विकसित किया जा रहा है। योजना के अनुसार वर्ष 2031 तक इस क्षेत्र की आबादी करीब 38.86 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए 6,100 हेक्टेयर से अधिक भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित की गई है, जहां बड़े उद्योगों, एमएसएमई, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे। Haryana 18 villages land to be developed as City

18 गांवों की जमीन पर बनेगा औद्योगिक हब

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए फरीदाबाद और पलवल के कुल 18 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। इनमें फरीदाबाद के सोतई, सुनपेड़, साहुपुरा, मलेरना और जाजरू की जमीन, खेड़ी कलां, नचौली, ताजापुर, ढहकोला, शाहबाद, बदरपुर सैद, भैंसरावली, फत्तुपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदापुर, सदपुरा व तिगांव शामिल हैं । सरकार भूमि अधिग्रहण के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों और भू-स्वामियों से स्वेच्छा से जमीन खरीद रही है। इस व्यवस्था में किसान स्वयं अपनी जमीन का विवरण और प्रस्तावित कीमत पोर्टल पर दर्ज करते हैं, जिसके बाद सरकार सहमति बनने पर सीधे खरीद की प्रक्रिया पूरी करती है।

बेहतरीन कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत

इस इंडस्ट्रियल हब की सबसे बड़ी खासियत इसकी रणनीतिक लोकेशन होगी। परियोजना को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे और हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक भी आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। बेहतर सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी मिलने से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

आवासीय और कमर्शियल विकास पर भी रहेगा जोर

सरकार इस परियोजना को केवल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि एक एकीकृत शहरी विकास मॉडल के रूप में विकसित करेगी। इसके तहत सेक्टर 94A, 96, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 में आधुनिक आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि उद्योगों में काम करने वाले लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें।

800 करोड़ रुपये से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

परियोजना के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें शहर की जलापूर्ति क्षमता 450 एमएलडी से बढ़ाकर 700 एमएलडी करना, आगरा नहर के किनारे करीब 20 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण, चौड़ी सेक्टर सड़कें विकसित करना और बड़े स्तर पर हरित क्षेत्र तैयार करना शामिल है।

रोजगार, निवेश और रियल एस्टेट को मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि इस मेगा इंडस्ट्रियल हब के विकसित होने से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही देश-विदेश की कंपनियों का निवेश बढ़ेगा, आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट की मांग तेज होगी और जमीनों की कीमतों में भी वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम और नोएडा के बाद फरीदाबाद-पलवल कॉरिडोर एनसीआर का अगला बड़ा औद्योगिक और निवेश केंद्र बन सकता है।

राज्य सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र को एक विश्वस्तरीय औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे हरियाणा की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिले और उत्तर भारत में औद्योगिक विकास का नया केंद्र तैयार हो सके।

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