देश में यहां बनेगी सबसे बड़ी हाउसिंग मार्केट, घर खरीदने वालों की पहली पसंद बनी ये जगह ?

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देश में यहां बनेगी सबसे बड़ी हाउसिंग मार्केट, घर खरीदने वालों की पहली पसंद बनी ये जगह ?

Udaipur Times, Indian Housing Market Q2 2026 : मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत का रियल एस्टेट बाजार मजबूती से आगे बढ़ रहा है। साल 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में देश के नौ प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री 19 फीसदी बढ़कर 1,12,458 यूनिट पर पहुंच गई। इसी अवधि में नई आवासीय परियोजनाओं की लॉन्चिंग भी 43 फीसदी बढ़कर 1,17,609 यूनिट हो गई।

रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी प्रॉपइक्विटी (PropEquity) की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही की तुलना में भी बाजार में तेजी देखने को मिली। तिमाही आधार पर बिक्री में 14 फीसदी और नई सप्लाई में 27 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

दक्षिण भारत के शहरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती

दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों ने इस तिमाही में सबसे शानदार प्रदर्शन किया। बेंगलुरु में घरों की बिक्री 47 फीसदी बढ़कर 21,516 यूनिट पर पहुंच गई, जिससे यह देश का सबसे बड़ा आवासीय बाजार बनकर उभरा। हैदराबाद में बिक्री 22 फीसदी बढ़कर 14,410 यूनिट और चेन्नई में 18 फीसदी बढ़कर 6,323 यूनिट हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर की मजबूती, बेहतर रोजगार अवसर और मजबूत बुनियादी ढांचा इन शहरों में रियल एस्टेट मांग को बढ़ा रहा है।

पश्चिमी बाजारों में भी मजबूत मांग

पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों में भी आवासीय बाजार में तेजी देखने को मिली। नवी मुंबई में बिक्री 61 फीसदी बढ़कर 11,029 यूनिट हो गई, जो सभी शहरों में सबसे तेज वृद्धि है। मुंबई में बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 10,561 यूनिट, ठाणे में 10 फीसदी बढ़कर 16,386 यूनिट और पुणे में 9 फीसदी बढ़कर 18,737 यूनिट पर पहुंच गई।

दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता रहे पीछे

जहां अधिकांश शहरों में बिक्री बढ़ी, वहीं दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता में सुस्ती देखने को मिली। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 14 फीसदी घटकर 10,082 यूनिट रह गई, जबकि कोलकाता में 23 फीसदी की गिरावट के साथ केवल 3,414 यूनिट की बिक्री हुई। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन महंगी परियोजनाओं के कारण मांग अपेक्षा से कम रही।

नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में जबरदस्त उछाल

नई सप्लाई के मामले में बेंगलुरु शीर्ष पर रहा, जहां 24,340 नई यूनिट लॉन्च की गईं। इसके बाद हैदराबाद में 18,407, पुणे में 18,111 और ठाणे में 13,961 नई यूनिट बाजार में आईं। नवी मुंबई में नई सप्लाई 116 फीसदी और मुंबई में 111 फीसदी बढ़ी, जो बाजार में डेवलपर्स के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

निवेशकों की बढ़ रही दिलचस्पी

समीर जसूजा ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट बाजार लचीला और मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई निवेशक, जो पहले मध्य पूर्व के बाजारों में अवसर तलाश रहे थे, अब भारत के स्थिर आर्थिक माहौल, तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत दीर्घकालिक संभावनाओं के कारण भारतीय रियल एस्टेट की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

कुल आवासीय बिक्री: 1,12,458 यूनिट (19% वृद्धि)
नई सप्लाई: 1,17,609 यूनिट (43% वृद्धि)
सबसे ज्यादा बिक्री: बेंगलुरु – 21,516 यूनिट
सबसे तेज बिक्री वृद्धि: नवी मुंबई – 61%
सबसे ज्यादा नई सप्लाई: बेंगलुरु – 24,340 यूनिट
बिक्री में गिरावट वाले शहर: दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में तेजी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के कारण आने वाले महीनों में भी भारतीय आवासीय बाजार मजबूत बना रह सकता है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता जैसे बाजारों में मांग बढ़ाने के लिए डेवलपर्स को कीमतों और उत्पाद रणनीति पर नए सिरे से काम करना पड़ सकता है।

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