रमजानुल मुअज्जम की आखिरी रात गुजारी जायेगी इबादत में
शिया दाउदी बोहरा समाज के प्रवक्ता डॉ. बी. मूमिन से मिली जानकारी के अनुसार रोजा, नमाज, बन्दगी एवं इबादत के पवित्र महीने रमजान-उल-मोअज्जम की आखिरी रात इबादत में गुजारी जायेगी। मंगलवार को अन्तिम रोजा इफतार होगा।
शिया दाउदी बोहरा समाज के प्रवक्ता डॉ. बी. मूमिन से मिली जानकारी के अनुसार रोजा, नमाज, बन्दगी एवं इबादत के पवित्र महीने रमजान-उल-मोअज्जम की आखिरी रात इबादत में गुजारी जायेगी। मंगलवार को अन्तिम रोजा इफतार होगा।
डॉ. मूमिन ने बताया कि ईदुलफितर का त्यौहार बुधवार को मनाया जायेगा। ईद की नमाज सुबह ठीक 6-10 बजे होगी।
ईद के मुबारक मौके पर स्थानीय मोईयदपुरा मस्जिद में आमिल साहब शैख मुस्तफा भाई मोईयदी, फतहपुरा स्थित बुरहानी मस्जिद में अल जामिआतुस्सैफिया के प्रोफेसर शैख शब्बीर भाई इन्दोर वाला, सैयदी खान्जीफीर साहब की दरगाह स्थित लुकमानी मस्जिद में अल जामिआतुस्सैफिया के प्रोफेसर शैख अब्दुनकादर भाई नजमी, मुल्लातलाई मस्जिद में शैख होजेफा भाई, हाथीपोल स्थित सैफी हॉल में अल जामिआतुस्सैफिया के प्रोफेसर शैख मुफददल भाई शाकिर, दाउद महल पंचवटी में शैख मोहम्मद भाई, मोती मगरी में मुल्ला मुर्तजा भाई मोरवी वाला, दारुल इमारत पर मुल्ला मुर्तजा भाई एवं नीमचखेडा में मुल्ला मुस्तफा भाई हेबतुल्ला की इमामत में नमाज अदा की जायेगी।
सभी मस्जिदों में नमाज के बाद ख़ुशी की मजलिस आयोजित होगी; जिसमें मदहे व कसीदे पढे जायेंगें। मौला इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद कर मातम मनाया जायेगा; वसीले लिये जायेंगें एवं दुआएं मांगी जायेगी। विशेषरुप से मुल्क की तरक्की एवं खुशहाली के लिये, रुहानी पैशवा डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुददीन साहब एवं आपके मनसूस आलीकदर सैयदी मुफददल भाई साहब सैफुददीन साहब की उम्रदराजी और बारिश के लिये दुआयें मांगी जायेगी।
