एमईई टीम ने किया फुलवारी की नाल अभयारण्य का निरीक्षण
भारत सरकार द्वारा समस्त राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्यजीव अभयारण्यों के प्रबंध की दृष्टि से प्रभावीकरण मूल्यांकन के लिए गठित टीम ने 20 व 21 फरवरी की फुलवारी की नाल अभयारण्य का निरीक्षण किया। इस मौके पर गठित टीम के सदस्य मिजोरम के सेवानिवृत प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. आलोक सक्सेना तथा भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कुमार सहित वन विभाग से उपवन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीमती हरिणी वी., सहायक वन संरक्षक शैतान सिंह देवड़ा, क्षेत्रीय वन अधिकारी लालसिंह, गौतमलाल, सुरेन्द्र सिंह आदि म
भारत सरकार द्वारा समस्त राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्यजीव अभयारण्यों के प्रबंध की दृष्टि से प्रभावीकरण मूल्यांकन के लिए गठित टीम ने 20 व 21 फरवरी की फुलवारी की नाल अभयारण्य का निरीक्षण किया। इस मौके पर गठित टीम के सदस्य मिजोरम के सेवानिवृत प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. आलोक सक्सेना तथा भारतीय वन जीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कुमार सहित वन विभाग से उपवन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीमती हरिणी वी., सहायक वन संरक्षक शैतान सिंह देवड़ा, क्षेत्रीय वन अधिकारी लालसिंह, गौतमलाल, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
उच्च अधिकारियों ने पाथरपाड़ी नाके पर ईडीसी सदस्यों के साथ वार्तालाप किया एवं गतिविधियों की जानकारी ली। वहीं इको ट्यूरिज्म साइट पानरवा पर स्वयं सहायता समूह खजुरना एवं सरवण के सदस्यों से भी चर्चा की। टीम सदस्यों ने मूल्यांकन के लिए भारत सरकार के निर्धारित पेरामीटर के आधार पर अभयारण्य का समग्र मूल्यांकन किया।
भारत सरकार को जाएगी रिपोर्ट
इस दौरान टीम सदस्यों ने वन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, वन्यजीवों के महत्वपूर्ण आश्रय स्थलों, इको पर्यटन की दृष्टि से विकसित स्थलों, वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षार्थ तैनात कार्मिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, वन में निवासरत वनवासियों की वन व वन्यजीव संरक्षण में सहभागिता आदि कई बिन्दुओं पर विचार विमर्श कर मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की जो भारत सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
