गृह मंत्रालय का सख्त रुख ! अनुबंध शिक्षकों का DA रोकने और नियमितीकरण न होने पर प्रशासन से मांगा जवाब

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गृह मंत्रालय का सख्त रुख ! अनुबंध शिक्षकों का DA रोकने और नियमितीकरण न होने पर प्रशासन से मांगा जवाब

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पिछले 16 से 28 वर्षों से नियमित पदों के विरुद्ध सेवाएँ दे रहे लगभग 800 कॉन्ट्रैक्ट व गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों के हक में गृह मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद से जवाब तलब किया है कि:

अनुबंध शिक्षकों का महंगाई भत्ता (DA) क्यों रोका गया?

दो से तीन दशकों से लगातार सेवा दे रहे इन शिक्षकों को अभी तक नियमित क्यों नहीं किया गया?

क्या है पूरा मामला?

नियुक्ति का तरीका: जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) कर्मचारी यूनियन के अनुसार, इन सभी शिक्षकों की भर्तियाँ बाकायदा लिखित परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियम अनुसार की गई थीं।

शिक्षकों की संख्या: चंडीगढ़ में लगभग 500 स्कूल शिक्षक और 300 से अधिक कॉलेज प्रोफेसर वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।

DA रोकने पर विवाद: केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने जुलाई 2025 से बिना किसी लिखित स्पष्टीकरण या नोटिफिकेशन के इन शिक्षकों का DA रोक दिया है।

नौकरी से निकालने का खतरा: आरोप है कि वित्त विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा अचानक विभिन्न कोर्सों और विषयों (जैसे होम साइंस कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग आदि) को बंद करके असिस्टेंट प्रोफेसरों व 

शिक्षकों को नौकरी से निकालने की तैयारी की जा रही है।

कर्मचारी यूनियन (JAC) का पक्ष:

"सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद शिक्षकों को पक्का करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उल्टे अब जुलाई 2025 से बिना वजह DA रोक दिया गया है और कोर्स बंद करके शिक्षकों को बाहर करने की साजिश हो रही है। प्रशासन के इसी अड़ियल रवैये से तंग आकर हमने गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी।"

शिव मूरत (सचिव, JAC कर्मचारी यूनियन)

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

3 दशकों से सेवा: 16 से 28 साल तक का सेवाकाल पूरा कर चुके हैं शिक्षक।

गृह मंत्रालय में शिकायत: JAC कर्मचारी यूनियन की शिकायत पर गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा।

नियमित भर्ती की जगह संविदा: मार्च 2022 से सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुए पदों पर पक्की भर्ती करने के बजाय कॉन्ट्रैक्ट व गेस्ट फैकल्टी से काम चलाया जा रहा है।

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