जितना सतत् विकास होगा उतना ही उद्योग भी सफल होगा- अरूण मिश्रा, सीईओ हिन्दुस्तान जिंक


जितना सतत् विकास होगा उतना ही उद्योग भी सफल होगा- अरूण मिश्रा, सीईओ हिन्दुस्तान जिंक 

वर्तमान समय में हमारा मानना है कि खनन उद्योग के लिए ये पांच पहलु महत्वपूर्ण है

 
जितना सतत् विकास होगा उतना ही उद्योग भी सफल होगा- अरूण मिश्रा, सीईओ हिन्दुस्तान जिंक
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डिजिटल प्रोद्योगिकी का अनुप्रयोग, 
निरंतर नवाचार के लिए मानव रचनात्मकता का उपयोग, 
आस पास के समुदाय की देखभाल और विकास, 
सतत् विकास की निरंतर पहल, 
समावेषिता और विविधता की संस्कृति का निर्माण।

खनन किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की बुनियाद है। यह मूलभूत कच्चे माल को उपलब्ध कराता है जो देश के विकास के लिए आवश्यक हैं और आर्थिक स्थ्तिि सुदृढ़ करने में सहायक है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा, यूरेनियम, तेल और गैस आदि जैसे बुनियादी कच्चे माल के खनन में वृद्धि ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत किया है। 

हमारे जीवन के साथ-साथ हमारे देष के विकास और संरक्षण के लिए जो कुछ भी आवश्यक है, वह उन खनिजों से प्राप्त होता है। ‘आत्मानिर्भर‘ होने के लिए जरूरी है कि हमारा देश धातु का आयात घटाएं और उत्पादन बढ़ाएं। खनन एवं धातु उद्योग देष की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ साथ लाखों रोजगार उत्पन्न करता है। खनिजों के उत्पादन के साथ-साथ हम यह भी मानते है कि सतत् विकास सफलता का आवश्यक मंत्र रहा है। 

हमारा मानना है कि जितना सतत् विकास होगा उतना ही उद्योग भी सफल होगा। इसलिए हम समझते हैं कि डिजिटल प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग, निरंतर नवाचार के लिए मानव रचनात्मकता का उपयोग करना और आसपास के समुदाय की देखभाल पर ध्यान देना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि मुख्य खनन गतिविधि करना। 

हिन्दुस्तान जिंक समावेशिता और विविधता की संस्कृति के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं और महिलााओं को मजबूत, स्वतंत्र और सक्षम नेतृत्व के रूप में विकसित करने के लिए अवसर प्रदान करता हैं। इस प्रतिबद्धता का सजीव उदाहरण हमारी महिला इंजीनियर संध्या रासकला की उपलब्धि है जो एक भूमिगत खदान में खनन कार्यों के प्रबंधन के लिए भारतीय खनन उद्योग में प्रमाणित होने वाली पहली महिला बन गई है। संध्या की यह उपलब्धि 2019 में सरकार के ऐतिहासिक निर्णय को और मजबूत करती है एवं अन्य महिलओं के लिए प्रेरणास्पद है।  

सस्टेनेबिलिटी हिन्दुस्तान जिंक पहली प्राथमिकता रही है और एन्वायरमेंट, सोशल एवं गवर्नेन्स ईएसजी, सुरक्षा और व्यावसायिक स्वास्थ्य हमारे परिचालन के प्रत्यके क्षेत्र में दिखाई देता है। 

सस्टेनेबल भविष्य के लिए स्मार्ट खनन स्मार्ट माइनिंग महत्वपूर्ण है। उत्पादकता और सुरक्षा में सुधार के लिए मूल्य श्रृंखला संचालन और लीवरेजिंग द्वारा स्थिरता में वृद्धि सर्वश्रेष्ठ इन-क्लास प्रौद्योगिकियों और डेटा विश्लेषण बहुत आवश्यक है दीर्घावधि में, यह कुशल उपयोग को बढ़ावा देगा। संसाधनों, वेस्ट को कम से कम, उद्योग में सुधार और हितधारक संबंधों को बढ़ाता हैं। खासतौर पर उच्च उपकरण प्रभावशीलता के लिए अग्रणी और कुशल प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने की जरूरत है इसी दिशा में हमनें उदयपुर में डिजिटल काॅलोबरेशन सेन्टर को शुरू किया है। जिससे परिचालन डेटा को एकीकृत करके मूल्य श्रृंखला के साथ ही विश्लेषिकी मंच पर हमारे स्थान अयस्क-से-धातु अनुपात बढ़ाने का अंतिम लक्ष्य में सहायता मिल रही है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि सेंटर दुनिया के शीर्ष एकीकृत प्रौद्योगिकी केंद्र खनन उद्योग में से एक है।
 

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