161 एकड़ जमीन में यहां बनने जा रहा नया एयरपोर्ट, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Udaipur Times, Airport to be built in Kaimur : बिहार के कैमूर ज़िले में एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। ज़िला प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक सही जगह चुनी है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास रामपुर ब्लॉक में लगभग 161 एकड़ जमीन इसके लिए तय की गई है।
कैमूर जिला प्रशासन ने ज़मीन चुनकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है; सरकार की मंज़ूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी
कैमूर एयरपोर्ट के चालू होने से इस इलाके के गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों को इलाज के लिए बड़े शहरों तक ले जाना आसान हो जाएगा। इससे पूरे शाहाबाद इलाके में हवाई कनेक्टिविटी मज़बूत होगी और स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा।
मां मुंडेश्वरी धाम, कर्कटगढ़, दुर्गावती जलाशय बांध और तेलहर कुंड जैसे पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी क्योंकि वे सीधे हवाई सेवा से जुड़ जाएंगे।
161 एकड़ ज़मीन में बनेगा कैमूर एयरपोर्ट
एयरपोर्ट बनाने के लिए, ज़िला प्रशासन ने रामपुर ब्लॉक के रामपुर, साबर और पाली मौज़ों (राजस्व गांवों) में लगभग 161 एकड़ ज़मीन की पहचान की है। ज़िला प्रशासन के अनुसार, ज़मीन चुनने के बाद ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) के ज़रिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि जब सरकार ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेगी और मंज़ूरी दे देगी, तो संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर देगा।
दो दिन पहले, कैमूर के DM कुमार अनुराग ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। DM के निर्देशों के बाद, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने का काम शुरू कर दिया।
16 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी घोषणा
गौरतलब है कि 16 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां मुंडेश्वरी धाम में एक सभा के दौरान कैमूर ज़िले में एयरपोर्ट बनाने की योजना की घोषणा की थी। इसके बाद, ज़िला प्रशासन ने एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
कैमूर में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नए एयरपोर्ट के बनने से कैमूर ज़िले में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, व्यापार और पर्यटन को तेज़ी मिलेगी, जिससे समग्र विकास को एक नई गति मिलेगी। यह ज़िला छोटे-बड़े कस्बों और शहरों के साथ-साथ सीधे बड़े मेट्रोपॉलिटन इलाकों से भी जुड़ जाएगा।
एयरपोर्ट के आस-पास हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय उद्योगों के विस्तार से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, जबकि बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।