32 हजार करोड़ की लागत से तैयार होगा नया फोरलेन एक्सप्रेसवे, जाने कहां-कहां से होकर गुजरेगा ?
Udaipur Times, New Delhi : देशभर में आए दिन नए-नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा रहे है और सरकार आए दिन कही ना कही सड़कों का आ बिछाया जा रहा है। बिहार के बुनियादी ढांचे को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से राजधानी पटना से कोसी और सीमांचल क्षेत्र का सफर बेहद आसान और तेज होने वाला है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत अपडेट नीचे दी गई है:
1. प्रमुख विशेषताएं और समय में बचत
सफर का समय: इस फोरलेन एक्सप्रेसवे के बनने के बाद पटना और पूर्णिया के बीच सड़क मार्ग से यात्रा का समय घटकर मात्र 3 से 4 घंटे रह जाएगा। अभी इस सफर में लगभग 6 घंटे का समय लगता है।
दूरी में कमी: इस नए रूट के तैयार होने से पटना और पूर्णिया के बीच की कुल दूरी करीब 55 से 60 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
लंबाई: इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 245 किलोमीटर होगी।
2. किन 7 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे?
यह पूरी तरह से नई जमीन पर बनने वाला एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) बिहार के 7 प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ेगा:
पटना
वैशाली
समस्तीपुर
दरभंगा
सहरसा
मधेपुरा
पूर्णिया
3. रूट और अन्य संरचनाएं
शुरुआत और अंत: यह एक्सप्रेसवे पटना में रिंग रोड के सराय क्षेत्र से शुरू होकर पूर्णिया तक जाएगा।
बाईपास रूट: यह एक्सप्रेसवे किसी भी घनी आबादी वाले शहर या बाजार के बीच से नहीं गुजरेगा, जिससे वाहन बिना किसी रुकावट के उच्च गति से चल सकेंगे।
पुल और अंडरपास: इस परियोजना के तहत आवागमन को सुगम बनाने के लिए 21 बड़े पुल, 100 से अधिक छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और 300 से ज्यादा अंडरपास बनाए जाएंगे।
4. लागत और वित्तीय मॉडल (Cost & Approval Update)
कुल लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 32,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
निर्माण मॉडल: इसका निर्माण हैब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। इसमें कुल खर्च का 60% हिस्सा निजी निर्माण एजेंसी और 40% हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। निर्माण के बाद एजेंसी टोल टैक्स के जरिए लागत की वसूली करेगी।
स्वीकृति और जमीन अधिग्रहण: इस प्रोजेक्ट को जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट से औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे जिलों में जमीन चिह्नित करने का कार्य अंतिम चरण में है।
5. आर्थिक लाभ
इस एक्सप्रेसवे के बनने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के कृषि एवं व्यावसायिक विकास को पंख लगेंगे।
मक्का, मखाना और अन्य स्थानीय कृषि उत्पाद कम समय में बड़े बाजारों और बंदरगाहों तक पहुंचाए जा सकेंगे, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक लाभ होगा।