191 किलोमीटर तक बिछेगी नई रेल लाइन, दिल्ली से जयपुर नीमराणा-कोटपूतली समेत इन शहरों का सफर होगा आसान
Delhi Jaipur Train Route: दिल्ली-रेवाड़ी क्षेत्र और जयपुर के बीच 191 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। रेलवे बोर्ड ने इस नए रेल मार्ग के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और अंतिम स्थान सर्वेक्षण (Final Location Survey) को मंजूरी दे दी है। बुधवार को जयपुर से भाजपा सांसद राव राजेंद्र सिंह ने इस परियोजना पर चर्चा करने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। यह नई रेल लाइन हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी, जो अब तक इससे नहीं जुड़े थे। यह लाइन रेवाड़ी जंक्शन से शुरू होकर राजस्थान के शाहजहांपुर, नीमराना, बहरोड़, कोटपूतली, पावटा-प्रागपुरा और शाहपुरा से होते हुए जयपुर तक जाएगी। यह नया कॉरिडोर अलवर और बांदीकुई से होकर जाने वाले मौजूदा दिल्ली-जयपुर रेल मार्ग के एक विकल्प के रूप में काम करेगा।
दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर रेल लाइन का पूरा मार्ग
वर्तमान में, दिल्ली-रेवाड़ी क्षेत्र और जयपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को मौजूदा मार्ग पर भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण अक्सर ट्रेनें देरी से चलती हैं। नीमराना और कोटपूतली से होकर गुजरने वाला यह नया मार्ग इस देरी को खत्म करेगा और यात्रा के समय में 1 से 1.5 घंटे की कमी लाएगा। नीमराना 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर' का हिस्सा है, लेकिन अब तक यहां कोई सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं थी। यह नई लाइन नीमराना की कंपनियों और कोटपूतली के प्रमुख सीमेंट उद्योग को कच्चा माल लाने-ले जाने के लिए एक तेज़ और किफायती साधन प्रदान करेगी, साथ ही सड़क मार्ग से माल ढुलाई पर आने वाले भारी खर्च को भी काफी हद तक कम करेगी।
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के लिए बड़े फायदे
दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ, यह नया रेल मार्ग तीन राज्यों के लिए उपयोगी साबित होगा। यह दिल्ली, रेवाड़ी (हरियाणा), जयपुर (राजस्थान), अहमदाबाद (गुजरात) और मुंबई (महाराष्ट्र) को जोड़ने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा। इससे रेल यातायात संचालन काफी सुव्यवस्थित हो जाएगा और रोजगार या शिक्षा के लिए आने-जाने वालों के लिए दिल्ली और जयपुर के बीच का सफर कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। दिल्ली-रेवाड़ी लाइन, जयपुर, अहमदाबाद और मुंबई की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों जैसे राजधानी और तेजस के लिए एक वैकल्पिक, सुपरफास्ट मार्ग प्रदान करेगी।
जयपुर के सांसद ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की
बीजेपी सांसद राव राजेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ दिल्ली-रेवाड़ी से जयपुर तक एक नई रेल लाइन के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर चर्चा की। DPR को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने जयपुर-रिंगस खंड पर प्रस्तावित सुंदरपुरा रेलवे स्टेशन के अलावा, बड़हल रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का भी अनुरोध किया। इससे देश भर के उन लाखों श्रद्धालुओं को काफी फायदा होगा, जो बड़हल के रास्ते खाटू श्याम जाते हैं। इसके अलावा, जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के स्टेशनों—जैसे किशनगढ़-रेनवाल, नारायणा और सांभर लेक—पर ट्रेनों के ठहराव के बारे में भी चर्चा हुई। साथ ही, रेल मंत्रालय ने असलपुर-जोबनेर लाइन पर चार लेन वाले रोड ओवर ब्रिज (ROB) के लिए बजट को मंजूरी दे दी है।
दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर लाइन बनेगी डबल ट्रैक
दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर रेल मार्ग दिल्ली के सराय रोहिल्ला और दिल्ली कैंट से शुरू होता है और गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर तथा बांदीकुई से होते हुए जयपुर तक पहुंचता है। दिल्ली से लगभग 308 किमी लंबे इस पूरे मार्ग को पूरी तरह से डबल ट्रैक और विद्युतीकृत (इलेक्ट्रिफाइड) किया जाएगा। इसमें हाई-स्पीड LHB कोच और एक विस्तारित स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम होगा। इस मार्ग पर दिल्ली-अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस, दिल्ली-जयपुर डबल डेकर, शताब्दी और आश्रम एक्सप्रेस जैसी कई सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं। इस लाइन के समानांतर वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रेवाड़ी-फुलेरा के रास्ते) है, जो यह सुनिश्चित करता है कि भारी मालवाहक ट्रेनों का ट्रैफिक मुख्य यात्री लाइन से अलग रहे।
यात्री ट्रेनों की देरी में कमी
मालगाड़ियों के वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर चले जाने से, दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर ट्रैक पर भीड़भाड़ कम हो गई है। इससे दिल्ली से अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, मुंबई और पुणे की ओर जाने वाली लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को एक तेज़ और अधिक कुशल मार्ग मिल सकेगा। भविष्य में नई 'वंदे भारत' स्लीपर ट्रेनों को शुरू करना भी अब ज़्यादा आसान हो गया है। दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर लाइन, DMIC (दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) परियोजना का हिस्सा है। यह हरियाणा के मानेसर और बावल, तथा राजस्थान के नीमराना और भिवाड़ी से होते हुए, गुजरात के साणंद और धोलेरा तक कनेक्टिविटी प्रदान करती है।
दिल्ली-अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल नेटवर्क
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को उत्तर भारत से जोड़ने के लिए, इस रूट पर एक दिल्ली-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई है खास तौर पर दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद अलाइनमेंट के ज़रिए। इससे बुलेट ट्रेन के ज़रिए मुंबई और दिल्ली के बीच का सफर केवल 8 से 9 घंटों में पूरा किया जा सकेगा।