हरियाणा में नई ट्रांसफर पॉलिसी से शिक्षकों को बड़ा झटका ! अब नहीं मिलेगी कोई भी छूट

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हरियाणा में नई ट्रांसफर पॉलिसी से शिक्षकों को बड़ा झटका ! अब नहीं मिलेगी कोई भी छूट  

​Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही हैं। हरियाणा में नई ट्रांसफर पॉलिसी ने शिक्षकों को बड़ा झटका देने का का किया है। हरियाणा में अटकी पड़ी टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी का नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है जिसे अब 22 जून को हरियाणा कैबिनेट मीटिंग के समक्ष में होगा और और सरकार इस पर फैसला करेगी। 

खबरों की माने तो, अगर इस नये टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो शिक्षकों के ट्रांसफर का नया शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी का 30 जून तक शेड्यूल आने की संभावना है। Haryana News

जानकारी के अनुसार इस बार खास बात यह होने वाली है की इस नई टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी में मेरिट बेस पर होने वाली है। इसमे कुल 120 अंक होंगे। इसमें 40 साल से अधिक उम्र की अनमैरिड लेडी टीचर को विशेष श्रेणी के तहत अतिरिक्त अंक नहीं मिलने वाले है, यानी कोसभी छूट हटने वाली है। इसी तरह मेल टीचर्स को भी नाबालिग बच्चों के हवाले से कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलने वाले है। इसके अलावा टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी का फायदा केवल कपल केस की छूट का लाभ भी सिर्फ रेगुलर टीचर्स को ही मिलने वाला है। Haryana News

मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा गवर्नमेंट एंप्लॉय रिपोर्ट के मुताबिक कुल सरकारी कर्मियों में से 34 फीसदी अकेले शिक्षा विभाग में हैं। ऐसे में सभी विभागों की नजर टीचर मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी पर बनी हुई है। Haryana News

खबरों के अनुसार पहले खट्टर सरकार में भी ट्रांसफर पॉलिसी लाई गई, लेकिन खामियों की वजह से पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई थी। 

नई पॉलिसी में क्या-क्या होंगे बदलाव

70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षक जानकारी के अनुसार संरक्षित श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। पहले जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 12 महीने शेष रहते थे, उन्हें छूट मिलती थी। अब यह अवधि बढ़ाकर 18 महीने करने की तैयारी है। यानी सेवानिवृत्ति के अंतिम डेढ़ वर्ष में तबादले का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा। Haryana News

मिली जानकारी के मुताबिक  शिक्षक की जितनी अधिक उम्र होगी, उसे इतने अधिक अंक मिलेंगे। यदि टीचर की उम्र 50 साल है तो उन्हें 25 अंक मिलेंगे। इसी तरह अनुभव के आधार पर अंक मिलेंगे। टीचर की जितने साल की सर्विस उतने अंक होंगे। हालांकि इनकी अधिकतम संख्या 30 रहेगी।

जो शिक्षक अकेले अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, यानी सिंगल पेरेंट हैं, जानकारी के अनुसार  उन्हें 10 अतिरिक्त अंक मिलेंगे। हालांकि मेल टीचर को नाबालिग बच्चे या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेगा। Haryana News

जानकारी के अनुसार  लेडी टीचर, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं, सिंगल पेरेंट, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं। इनमें अधिकांश श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रस्ताव है। विशेष रूप से सिंगल पेरेंट शिक्षकों को अतिरिक्त राहत देने की व्यवस्था की गई है। Haryana News

मिली जानकारी के मुताबिक  कुल 120 अंकों में से अधिकतम 30 अंक आयु, 30 अंक कैडर अनुभव और 60 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित किए हैं। यानी आधी रैंकिंग विशेष श्रेणी पर आधारित होगी, जबकि शेष अंक उम्र व अनुभव से मिलेंगे। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अधिक संतुलित अवसर मिल सकेंगे।

नियमों की होगी विदाई

​कई पुराने नियमों को जानकारी के अनुसार हटाने का भी प्रस्ताव है। 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को मिलने वाले अतिरिक्त अंक की राहत अब समाप्त की जा सकती है। इसी तरह पुरुष शिक्षकों को केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर विशेष वेटेज नहीं मिलेगा। कपल्स केस नियमों में भी संशोधन प्रस्तावित है। इसका लाभ अब केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित रहेगा। अनुबंध आधारित या अन्य श्रेणी के कर्मियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। Haryana News

​मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग ने उन्हें आश्वस्त किया है कि नीति पूरी तरह तैयार है और मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही स्थानांतरण कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था को शिक्षा विभाग पारदर्शी, अंक आधारित और विवादों को कम करने वाला मॉडल मान रहा है।

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